बेंगलुरु। कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के इस्तीफे की अटकलों के बीच पार्टी आलाकमान अब नए सत्ता समीकरण को अंतिम रूप देने में जुट गया है। सूत्रों के अनुसार, डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाए जाने की तैयारी है, जबकि सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने के लिए चार उपमुख्यमंत्री बनाए जाने के फॉर्मूले पर गंभीर चर्चा चल रही है।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व राज्य में लिंगायत, दलित, ओबीसी और वोक्कालिगा समुदायों को प्रतिनिधित्व देने की रणनीति पर काम कर रहा है। इसी के तहत अलग-अलग क्षेत्रों और जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए चार डिप्टी सीएम नियुक्त किए जा सकते हैं। पार्टी का मानना है कि इससे आगामी चुनावों से पहले संगठन और सरकार दोनों में संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बदले सिद्धरमैया खेमे को भी संतुष्ट करने की कोशिश की जा रही है। इसी कड़ी में उनके बेटे डॉ. यतींद्र सिद्धरमैया को मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावना जताई जा रही है। साथ ही सिद्धरमैया समर्थक विधायकों को भी नई सरकार में अहम जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।
दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, केसी वेणुगोपाल और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ हुई बैठकों के बाद घटनाक्रम ने तेजी पकड़ी है। पार्टी नेतृत्व राज्य में किसी भी तरह की अंदरूनी कलह को खत्म कर एकजुटता का संदेश देना चाहता है। वहीं, डीके शिवकुमार समर्थकों ने उनके संभावित मुख्यमंत्री बनने को लेकर उत्साह जताना शुरू कर दिया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस नेतृत्व 2028 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव कर रहा है। सत्ता परिवर्तन के साथ कैबिनेट विस्तार और संगठन में फेरबदल भी जल्द देखने को मिल सकता है।
हालांकि कांग्रेस की ओर से अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत साफ दिखाई दे रहे हैं।





