देहरादून, उत्तराखंड – राज्य सरकार ने बागेश्वर हिल हेरिटेज स्टेट गेस्ट हाउस के निर्माण के लिए 1,752 करोड़ रुपये की परियोजना की घोषणा की है। यह परियोजना राज्य के पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है।
परियोजना के तहत बागेश्वर में आधुनिक और पारंपरिक वास्तुकला का मेल रखते हुए एक भव्य गेस्ट हाउस बनाया जाएगा। इसमें पर्यटकों के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ राज्य की सांस्कृतिक पहचान को भी प्रदर्शित किया जाएगा। राज्य सरकार के अनुसार, यह परियोजना न केवल पर्यटन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देगी बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित करेगी।
उत्तराखंड पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गेस्ट हाउस में पर्यटकों के रहने, भोजन और मनोरंजन की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा, पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्य में टिकाऊ और हरित प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जाएगा।
राज्य सरकार का यह कदम बागेश्वर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख स्थल बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि परियोजना के पूरा होने के बाद न केवल राज्य की पर्यटन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा।
परियोजना की रूपरेखा के अनुसार, इसमें होटल, सम्मेलन केंद्र, सांस्कृतिक गैलरी और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए विशेष क्षेत्रों का निर्माण शामिल है। यह गेस्ट हाउस पूरे वर्ष पर्यटकों के लिए खुला रहेगा और राज्य में पर्यटन को स्थायी और लाभकारी बनाने में मदद करेगा।
राज्य के मुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री ने इस परियोजना की जानकारी देते हुए कहा कि उत्तराखंड में पर्यटन को विकसित करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए यह एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना को समयबद्ध और उच्च गुणवत्ता के मानकों के अनुसार पूरा किया जाए।
विशेषज्ञों का कहना है कि बागेश्वर हिल हेरिटेज स्टेट गेस्ट हाउस न केवल पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनेगा, बल्कि राज्य के पर्यटन उद्योग में नई ऊंचाइयों को भी छुएगा। परियोजना के पूरा होने से आसपास के क्षेत्रों में छोटे व्यवसायों और स्थानीय उद्योगों को भी लाभ होगा।
इस ऐलान के साथ ही उत्तराखंड में पर्यटन और सांस्कृतिक संरचना के विकास में एक नई उम्मीद जग गई है। परियोजना की देखरेख और कार्यान्वयन के लिए राज्य सरकार ने विशेष टीम गठित की है, जो सभी कार्यों को पारदर्शिता और सुरक्षा मानकों के अनुसार सुनिश्चित करेगी।





