देहरादून/अल्मोड़ा: उत्तराखंड की बेटी और जांबाज पर्वतारोही कविता चंद ने दुनिया के सबसे दुर्गम और चुनौतीपूर्ण पर्वतों में शुमार उत्तरी अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी माउंट डेनाली (6,190 मीटर) पर सफलतापूर्वक तिरंगा फहराकर एक नया इतिहास रच दिया है। मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा (धारा नौला) की रहने वाली और वर्तमान में मुंबई में रह रही कविता ने जून 2026 की शुरुआत में इस बेहद कठिन अभियान को पूरा किया। इस ऐतिहासिक कामयाबी के साथ ही उन्होंने दुनिया के सातों महाद्वीपों के सर्वोच्च शिखरों को फतह करने के अपने ‘7 समिट्स मिशन’ (Seven Summits Challenge) का चौथा बड़ा पड़ाव पार कर लिया है।
कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ सपनों को दी उड़ान
- साहसिक फैसला: एक 10 वर्षीय बच्चे की मां कविता चंद ने महज दो साल पहले यानी वर्ष 2024 में अपने स्थापित कॉर्पोरेट करियर (मीडिया प्रोफेशन) को अलविदा कह दिया था।
- पूर्णकालिक पर्वतारोही: उन्होंने अपने सपनों को जीने के लिए पर्वतारोहण और लंबी दूरी की दौड़ (एंड्योरेंस रनिंग) को पूर्णकालिक रूप से अपनाया और आज वह देश की अग्रणी महिला पर्वतारोहियों में शामिल हो चुकी हैं।
क्यों सबसे खतरनाक माना जाता है माउंट डेनाली?
बिना किसी सहायता (सेल्फ-सपोर्टेड) का सफर: अलास्का में स्थित माउंट डेनाली को दुनिया के सबसे कठिन ट्रैकों में इसलिए गिना जाता है क्योंकि यहां अन्य पर्वतों की तरह सामान ढोने के लिए शेरपा या पोर्टर की मदद नहीं मिलती। पर्वतारोहियों को अपना टेंट, भोजन, ईंधन और करीब 40 से 50 किलोग्राम (80 से 125 पाउंड) वजन का उपकरण खुद ही पीठ पर और स्लेज (बर्फ पर खिंचने वाली गाड़ी) के जरिए खींचना पड़ता है।
- खराब मौसम और हाड़ कंपाने वाली ठंड: 19 मई से शुरू हुए इस अभियान में कविता और उनकी टीम को पल-पल बदलते मौसम, बर्फीले तूफानों और शून्य से कई डिग्री नीचे के जानलेवा तापमान का सामना करना पड़ा।
- ‘डबल कैरी’ की कड़ी परीक्षा: डेनाली पर चढ़ाई के लिए ‘डबल कैरी’ रणनीति अपनानी पड़ती है, जिसमें पर्वतारोही पहले सामान का आधा हिस्सा ऊपर कैंप में छोड़कर वापस नीचे आते हैं और फिर बाकी सामान लेकर दोबारा ऊपर चढ़ते हैं। इस वजह से उन्हें एक ही कठिन रास्ते को दो बार पार करना पड़ता है।
7 समिट्स मिशन में कविता की चौथी बड़ी कामयाबी
कविता चंद सातों महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों को फतह करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। डेनाली से पहले वह पिछले एक साल में तीन महाद्वीपों को फतह कर चुकी हैं:
| महाद्वीप | चोटी का नाम | फतह करने का समय |
| यूरोप | माउंट एल्ब्रुस | अगस्त 2025 |
| अंटार्कटिका | विन्सन मैसिफ | दिसंबर 2025 |
| दक्षिण अमेरिका | एकोंकागुआ | जनवरी 2026 |
| उत्तरी अमेरिका | माउंट डेनाली | जून 2026 |
अंतरराष्ट्रीय स्तर की बेहतरीन एथलीट भी हैं कविता
पर्वतारोहण के साथ-साथ कविता अंतरराष्ट्रीय स्तर की धाविका (एंड्योरेंस एथलीट) भी हैं। वह दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित बोस्टन मैराथन के लिए क्वालीफाई कर चुकी हैं और बर्लिन, लंदन, न्यूयॉर्क व बोस्टन जैसी प्रसिद्ध ‘वर्ल्ड मैराथन मेजर्स’ को सफलतापूर्वक पूरा कर चुकी हैं। वर्ष 2025 की न्यूयॉर्क सिटी मैराथन में वह सबसे तेज दौड़ने वाली भारतीय महिला प्रतिभागी रही थीं।
शिखर पर पहुंचने के बाद कविता ने अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय कड़े अनुशासन, धैर्य और अटूट मेहनत को दिया है। उन्होंने कहा कि उनका यह सफर उन सभी कामकाजी महिलाओं और माताओं के लिए एक प्रेरणा है जो अपने करियर, परिवार और बड़े सपनों को एक साथ पूरा करना चाहती हैं। उनकी इस अविश्वसनीय सफलता से अल्मोड़ा सहित पूरे उत्तराखंड और देश में गर्व का माहौल है





