कर्णप्रयाग/चमोली। हेमकुंड साहिब यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों ने यात्रा मार्ग पर हथियारों के प्रदर्शन और ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की मांग की है। इस संबंध में जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से सख्त कदम उठाने की अपील की है।
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि हेमकुंड साहिब यात्रा धार्मिक आस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण यात्रा है, जिसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पर किसी भी तरह के हथियारों का प्रदर्शन श्रद्धालुओं में असुरक्षा की भावना पैदा कर सकता है। इसलिए प्रशासन को जांच व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए और नियमों का सख्ती से पालन कराया जाना चाहिए।
बैठक में जनप्रतिनिधियों ने यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर भी चर्चा की। उनका कहना है कि हर साल बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए पहले से बेहतर तैयारियां करना जरूरी है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि यात्रा मार्ग पर निगरानी बढ़ाई जाए और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की जाए। साथ ही यात्रियों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाया जाए।
प्रशासन की ओर से यात्रा को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रा के दौरान नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
हेमकुंड साहिब यात्रा उत्तराखंड की प्रमुख धार्मिक यात्राओं में शामिल है। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु कठिन पहाड़ी मार्ग से होकर यहां पहुंचते हैं, ऐसे में सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर स्थानीय स्तर पर लगातार सुझाव दिए जाते रहे हैं।




