नैनीताल। उत्तराखंड के नैनीताल में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया के विरोध में लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने स्मार्ट मीटर योजना पर सवाल उठाते हुए इसे उपभोक्ताओं के हितों के खिलाफ बताया और योजना को वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाने से बिजली बिलों में पारदर्शिता के बजाय उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि नई व्यवस्था में बिजली खपत और बिलिंग को लेकर कई तरह की परेशानियां सामने आ सकती हैं।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और ऊर्जा विभाग से मांग की कि स्मार्ट मीटर लगाने से पहले उपभोक्ताओं की चिंताओं को सुना जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी नई व्यवस्था को लागू करने से पहले लोगों को इसकी पूरी जानकारी दी जानी चाहिए और उनकी सहमति भी ली जानी चाहिए।
वहीं, बिजली विभाग की ओर से स्मार्ट मीटर को आधुनिक तकनीक आधारित व्यवस्था बताया जाता है, जिससे बिजली खपत की सटीक निगरानी, ऑनलाइन बिलिंग और सेवाओं में सुधार का दावा किया जाता है। हालांकि, उपभोक्ताओं के एक वर्ग में इसे लेकर असंतोष बना हुआ है।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने नारेबाजी करते हुए स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया रोकने की मांग की। स्थानीय संगठनों और नागरिकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
नैनीताल में स्मार्ट मीटर को लेकर बढ़ता विरोध ऊर्जा विभाग के लिए चुनौती बन गया है। अब प्रशासन और विभाग की ओर से इस मुद्दे पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर लोगों की नजरें टिकी हैं।





