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स्मार्ट मीटर का ऐसा झटका, एक महीने का बिजली बिल 65 लाख पार!

मटर गली के व्यापारी के होश उड़े, सरकारी वेबसाइट पर भी दर्ज दिखा 65,40,811 रुपये का बिल; व्यापारी बोले—जनता को लूटकर जेब भर रही सरकार

हल्द्वानी। बिजली का बिल आया या लाखों का आर्थिक झटका लगा! हल्द्वानी की मटर गली स्थित सुपर मार्केट में स्मार्ट मीटर लगने के बाद एक व्यापारी को करीब एक महीने का बिजली बिल 65 लाख रुपये से अधिक थमा दिया गया। ‘जस्सी दी लस्सी’ दुकान के संचालक जसवीर सिंह के परिवार के होश बिल देखते ही उड़ गए। व्यापारी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार हर तरफ से जनता को लूटकर अपनी जेब भर रही है। हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी रकम का बिल यूपीसीएल की आधिकारिक वेबसाइट पर भी दर्ज दिखाई दे रहा है।

स्मार्ट मीटर लगा, बिल ने उड़ाए होश

जसवीर सिंह के बेटे जसपाल सिंह ने बुधवार सुबह मटर गली व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष दलजीत सिंह दल्ली को फोन कर मामले की जानकारी दी। परिवार का कहना है कि अब तक सभी बिजली बिल समय पर जमा किए जाते रहे हैं, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद अचानक लाखों का बिल सामने आ गया।

ऑनलाइन विवरण के अनुसार, 4 नवंबर 2026 को जारी बिल 65,40,811 रुपये का है, जिसकी भुगतान की अंतिम तारीख 19 नवंबर निर्धारित है। सरकारी वेबसाइट पर भी इतनी बड़ी रकम दर्ज होने से मामला और गंभीर हो गया है।

विभाग से संपर्क की कोशिश, व्यापारी एसोसिएशन में आक्रोश

मामले की जानकारी मिलते ही व्यापारी एसोसिएशन अध्यक्ष दलजीत सिंह दल्ली ने विद्युत विभाग के जेई साकेब से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो सकी। इसके बाद अध्यक्ष दलजीत सिंह दल्ली और महामंत्री अतुल कुमार गुप्ता ने महाप्रबंधक, एसडीओ और कनिष्ठ अभियंता से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

एसोसिएशन ने स्मार्ट मीटर की उच्चस्तरीय जांच कराने और बिल की गड़बड़ी दूर कर संशोधित बिल जारी करने की मांग उठाई है।

पहले भी सामने आ चुका है लाखों का बिल

हल्द्वानी में बिजली बिल की ऐसी गड़बड़ी का यह पहला मामला नहीं है। अप्रैल 2025 में छड़ायल क्षेत्र के एक उपभोक्ता को 46.60 लाख रुपये का बिल मिला था। जांच में पुराने मीटर की एलईडी में खराबी सामने आई और बाद में बिल संशोधित कर महज 330 रुपये कर दिया गया था।

अब मटर गली के व्यापारी को 65 लाख रुपये से अधिक का बिल मिलने से स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली और बिजली विभाग की बिलिंग व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

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