नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पार्टी के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई पर खुशी जताते हुए उन्हें खुद से बड़ा नेता बताया है। बुधवार को दोनों नेताओं को सशर्त जमानत मिलने के बाद दीपके ने सोशल मीडिया पर भावुक अंदाज में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सौरव और आशुतोष न केवल उनसे बेहतर हैं, बल्कि उनसे कहीं बड़े नेता भी हैं।
दीपके ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, “सौरव और आशु सिर्फ मुझसे बेहतर ही नहीं, बल्कि बहुत-बहुत बड़े नेता हैं। मेरे नेताओं, आपके आदेशों का पालन करके खुशी होगी। जान हाजिर है।”
उन्होंने अपने संदेश में हल्के-फुल्के अंदाज में यह भी कहा कि अब उनके बिना दोनों नेता अकेले बगीचे में न घूमें। उनकी इस टिप्पणी को दोनों नेताओं के साथ उनके करीबी संबंधों और रिहाई की खुशी से जोड़कर देखा जा रहा है।
सात दिन बाद जेल से बाहर आए दोनों नेता
सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश कर तिरंगा फहराने के मामले में हिरासत में लिया गया था। इसके बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया था।
करीब सात दिन जेल में रहने के बाद बुधवार को दोनों को सशर्त जमानत मिली। अदालत ने रिहाई के लिए लिखित माफीनामा और शपथ पत्र सहित आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने को कहा था।
पार्टी की कानूनी प्रमुख ने भी किया फैसले का स्वागत
सीजेपी की कानूनी प्रमुख रत्ना सिंह ने भी दोनों नेताओं की रिहाई का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह फैसला पहले ही हो जाना चाहिए था।
दोनों नेताओं की रिहाई के बाद पार्टी समर्थकों में खुशी का माहौल है। वहीं, इस मामले ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति, सार्वजनिक स्थलों के इस्तेमाल और संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं को लेकर भी चर्चा तेज कर दी है।
फिलहाल, दीपके की सोशल मीडिया पोस्ट दोनों नेताओं की रिहाई के बाद पार्टी के भीतर खुशी और आपसी जुड़ाव को दर्शाती है।





