नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर स्थित सर्किट हाउस से देर रात कमरा खाली कराने के मामले में नादिया जिले के तीन वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। मोइत्रा ने अधिकारियों पर संसदीय प्रोटोकाल के गंभीर उल्लंघन और अवमाननापूर्ण व्यवहार का आरोप लगाया है।
लोकसभा की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमावली के नियम 222 के तहत 16 अगस्त को दिए गए नोटिस में सांसद ने नादिया के जिलाधिकारी श्रीकांत पल्ली, अपर जिलाधिकारी नृपेंद्र सिंह और नजारत उप-जिलाधिकारी अनामिका बेरा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मोइत्रा का कहना है कि अधिकारियों का कथित व्यवहार उन्हें अपने संसदीय दायित्वों के निर्वहन से रोकने के व्यापक प्रयास का हिस्सा था।
मोइत्रा के मुताबिक, उन्होंने 13 अगस्त को लोकसभा अध्यक्ष को अपने निर्वाचन क्षेत्र के दौरे की जानकारी दी थी और किसी तरह के उत्पीड़न या बाधा से सुरक्षा की मांग की थी। 14 अगस्त की शाम करीब सवा छह बजे वह नादिया सर्किट हाउस पहुंचीं। उनके अनुसार, उन्हें उनका सामान्य कमरा आवंटित किया गया और वहां चाय तथा भोजन भी उपलब्ध कराया गया।
सांसद ने आरोप लगाया कि उसी रात करीब पौने नौ बजे अपर जिलाधिकारी ने उन्हें फोन कर सर्किट हाउस खाली करने को कहा। कारण पूछने पर कथित तौर पर बताया गया कि यह आदेश ऊपर से आया है। इसके बाद मोइत्रा ने इस घटनाक्रम को लेकर लोकसभा अध्यक्ष से हस्तक्षेप की मांग की।
मोइत्रा ने अपने नोटिस में कहा है कि एक सांसद के रूप में उन्हें बिना भय, दबाव या उत्पीड़न के अपने संवैधानिक दायित्व निभाने का अधिकार है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से इस मामले में कार्रवाई करने और भविष्य में अपने संसदीय कार्यों के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।
इस मामले में माकपा सांसद के. राधाकृष्णन ने भी लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर औपचारिक जांच शुरू कराने या मामला विशेषाधिकार समिति को भेजने का आग्रह किया है। अब नजर लोकसभा अध्यक्ष के स्तर पर होने वाली अगली कार्रवाई पर है।





