नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकारी विभागों की डिजिटल सेवाओं को अधिक सरल, सुविधाजनक और नागरिक-केंद्रित बनाने पर जोर दिया है। उन्होंने मंत्रियों और संबंधित अधिकारियों से कहा कि सरकारी वेबसाइटों का इस्तेमाल आम लोगों के लिए आसान होना चाहिए, ताकि नागरिकों को आवश्यक जानकारी और सेवाएं हासिल करने में अनावश्यक परेशानी न हो।
प्रधानमंत्री ने सरकारी वेबसाइटों की कार्यप्रणाली और डिजिटल सेवाओं को लेकर समीक्षा के दौरान कहा कि तकनीक का उद्देश्य नागरिकों की सुविधा बढ़ाना है। ऐसे में वेबसाइटों पर जानकारी स्पष्ट भाषा में उपलब्ध होनी चाहिए और जरूरी सेवाओं तक पहुंचने के लिए प्रक्रिया सरल रखी जानी चाहिए।
उन्होंने विशेष रूप से वेबसाइटों के यूजर इंटरफेस, नेविगेशन और सूचना की उपलब्धता पर ध्यान देने की जरूरत बताई। प्रधानमंत्री का जोर इस बात पर रहा कि नागरिकों को किसी सरकारी योजना, सेवा या आवेदन से जुड़ी जानकारी तलाशने में ज्यादा समय न लगाना पड़े।
सरकारी वेबसाइटों को दिव्यांगजनों के लिए भी अधिक सुलभ बनाने की आवश्यकता पर लंबे समय से जोर दिया जाता रहा है। भारत सरकार के वेबसाइट संबंधी दिशा-निर्देशों में भी वेबसाइटों को यूजर-सेंट्रिक, यूजर-फ्रेंडली और सार्वभौमिक रूप से सुलभ बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रधानमंत्री ने डिजिटल गवर्नेंस को प्रभावी बनाने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर भी बल दिया। सरकार की कोशिश है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म केवल सूचना देने तक सीमित न रहें, बल्कि नागरिकों को सरकारी सेवाएं आसानी से उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम बनें।
इस दिशा में वेबसाइटों की भाषा को सरल रखने, जरूरी जानकारी को प्रमुखता से प्रदर्शित करने और मोबाइल पर बेहतर अनुभव देने जैसे पहलुओं पर ध्यान देना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे डिजिटल सेवाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान के तहत ऑनलाइन सेवाओं का लगातार विस्तार हुआ है। ऐसे में प्रधानमंत्री का संदेश है कि डिजिटल सेवाओं के विस्तार के साथ उनकी सरलता, पहुंच और उपयोगिता भी सुनिश्चित की जाए।





