ढाका। बांग्लादेश ने भारत से पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेज करने का आग्रह किया है। बांग्लादेश की विदेश मामलों की राज्य मंत्री शमा ओबैद इस्लाम ने कहा कि हसीना और अन्य आरोपितों को जल्द वापस लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया के साथ भारत की राजनीतिक इच्छाशक्ति भी जरूरी है।
शमा ओबैद ने रविवार को विदेश मंत्रालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि बांग्लादेश को उम्मीद है कि भारत सरकार प्रत्यर्पण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में तेजी लाएगी। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के पास इस मामले को आगे बढ़ाने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति होनी चाहिए। बांग्लादेश की ओर से यह इच्छाशक्ति मौजूद है और भारत से भी इसी तरह की पहल की अपेक्षा है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच मौजूद प्रत्यर्पण संधि के तहत आरोपितों को वापस लाना संभव है और इस दिशा में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
भारत ने क्या कहा?
बांग्लादेश की मांग से एक दिन पहले भारत के बांग्लादेश में उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने कहा था कि शेख हसीना के प्रत्यर्पण से जुड़ा मामला कानूनी प्रक्रिया के तहत विचाराधीन है। चूंकि इसमें अदालतों की भूमिका है, इसलिए उनकी वापसी के लिए कोई निश्चित समयसीमा बताना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया जारी है।
शेख हसीना अगस्त 2024 में बांग्लादेश से सत्ता से बाहर होने के बाद भारत आ गई थीं। बांग्लादेश में उनके खिलाफ कानूनी मामले चल रहे हैं और वहां की सरकार लगातार भारत से उनके प्रत्यर्पण की मांग करती रही है। इस मुद्दे को दोनों देशों के बीच संबंधों में एक महत्वपूर्ण संवेदनशील विषय माना जा रहा है।
बांग्लादेश का ताजा बयान ऐसे समय आया है, जब दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए संवाद जारी रखने पर भी जोर दे रहे हैं। भारत ने भी कहा है कि दोनों देशों के बीच लंबित मुद्दों का समाधान बातचीत और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के जरिए निकाला जाना चाहिए।





