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विदेश भेजे जा रहे संदिग्ध धन पर आयकर विभाग की नजर, 394 संस्थाएं जांच के घेरे में

नई दिल्ली। विदेशों में संदिग्ध तरीके से बड़ी रकम भेजे जाने के मामले में आयकर विभाग ने देशव्यापी जांच अभियान शुरू किया है। विभाग ने 394 ऐसी संस्थाओं और कथित फर्जी धर्मार्थ ट्रस्टों की पहचान की है, जिनके जरिए पिछले तीन वर्षों में बड़ी मात्रा में धन विदेश भेजे जाने का संदेह है। विभाग की टीमों ने देश के विभिन्न हिस्सों, खासकर सीमावर्ती जिलों में, मौके पर जाकर सत्यापन की कार्रवाई की है।

आयकर विभाग के अनुसार, यह अभियान जमीनी स्तर से मिली खुफिया सूचनाओं और विदेश भेजी गई रकम से जुड़े आंकड़ों के विश्लेषण के बाद शुरू किया गया है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि संबंधित संस्थाओं ने विदेश भेजी गई रकम के लिए वैध और वास्तविक वित्तीय गतिविधियों का सहारा लिया या लेनदेन के पीछे किसी तरह की वित्तीय अनियमितता है।

विभाग को आशंका है कि कुछ संस्थाएं कागजों पर वैध गतिविधियां दिखाकर धन को विदेश भेजने के लिए कानूनी वित्तीय माध्यमों का इस्तेमाल कर सकती हैं। जांच में ऐसे लेनदेन की वास्तविक प्रकृति, धन के स्रोत और लाभार्थियों से जुड़ी जानकारी खंगाली जा रही है।

जांच अभियान में देश के कुछ सीमावर्ती जिलों को भी विशेष रूप से शामिल किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि संदिग्ध वित्तीय नेटवर्क की पहचान के लिए केवल कागजी रिकॉर्ड की जांच पर्याप्त नहीं है, इसलिए संबंधित संस्थाओं की वास्तविक गतिविधियों का भी सत्यापन किया जा रहा है।

आयकर विभाग की जांच में कथित फर्जी धर्मार्थ ट्रस्ट भी विशेष जांच के दायरे में हैं। इन संस्थाओं के माध्यम से विदेश भेजे गए धन के स्रोत और उसके इस्तेमाल की जानकारी जुटाई जा रही है। विभाग यह भी देख रहा है कि कहीं धर्मार्थ गतिविधियों की आड़ में धन को देश से बाहर तो नहीं भेजा गया।

जांच एजेंसी की कार्रवाई अभी सत्यापन के चरण में है। अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान यदि वित्तीय अनियमितता या कर संबंधी उल्लंघन सामने आते हैं तो संबंधित संस्थाओं और व्यक्तियों के खिलाफ कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

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