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लोकतंत्र का महापर्व: पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में वोटिंग जारी; मुर्शिदाबाद में भिड़े टीएमसी कार्यकर्ता, हुमायूं कबीर का भारी विरोध

कोलकाता/चेन्नई: लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव के तहत आज देश के दो महत्वपूर्ण राज्यों, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में मतदान की प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी है। पश्चिम बंगाल में जहाँ पहले चरण की 152 सीटों पर कड़ी सुरक्षा के बीच वोट डाले जा रहे हैं, वहीं तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर आज एक ही चरण में फैसला होना है। दोनों ही राज्यों में सुबह से ही मतदाताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है और पोलिंग बूथों पर लंबी कतारें लगी हुई हैं। हालांकि, बंगाल के मुर्शिदाबाद से छिटपुट हिंसा और राजनीतिक विरोध की खबरें भी सामने आई हैं।

बंगाल अपडेट: मुर्शिदाबाद में अपनी ही पार्टी के निशाने पर हुमायूं कबीर

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में मतदान के दौरान उस समय तनाव व्याप्त हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता हुमायूं कबीर को अपनों के ही विरोध का सामना करना पड़ा।

  • कार्यकर्ताओं का हंगामा: मुर्शिदाबाद के एक मतदान केंद्र पर पहुँचने के दौरान टीएमसी कार्यकर्ताओं के एक गुट ने हुमायूं कबीर का रास्ता रोका और उनके खिलाफ नारेबाजी की।
  • गुटबाजी आई सामने: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विरोध इतना तीव्र था कि सुरक्षा बलों को स्थिति संभालने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा। यह घटना सत्तारूढ़ दल के भीतर आंतरिक कलह को उजागर कर रही है।
  • 152 सीटों पर रण: राज्य की 152 सीटों पर हो रहे इस चुनाव में टीएमसी और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर है, जिसके लिए चप्पे-चप्पे पर केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है।

तमिलनाडु: एक ही चरण में 234 सीटों पर फैसला

दक्षिण भारत के राजनीतिक केंद्र तमिलनाडु में आज एक ही दिन में चुनावी प्रक्रिया संपन्न की जा रही है।

  • सत्ता की जंग: तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर मतदाता द्रमुक (DMK) गठबंधन और अन्नाद्रमुक (AIADMK) गठबंधन के उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला कर रहे हैं।
  • दिग्गजों ने डाला वोट: राज्य के मुख्यमंत्री, विपक्षी नेताओं और फिल्मी सितारों ने सुबह-सुबह अपने मताधिकार का प्रयोग कर लोगों से भारी संख्या में निकलने की अपील की।
  • शांतिपूर्ण मतदान: बंगाल के विपरीत, तमिलनाडु में अब तक मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण रहने की खबर है और निर्वाचन आयोग की ओर से तकनीकी खराबी की कुछ छोटी शिकायतों को छोड़कर कोई बड़ी समस्या दर्ज नहीं की गई है।

सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम

निर्वाचन आयोग ने दोनों राज्यों की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हैं।

  1. केंद्रीय बलों की मुस्तैदी: पश्चिम बंगाल में हिंसा की आशंका को देखते हुए मतदान केंद्रों के 100 मीटर के घेरे में केवल केंद्रीय सुरक्षा बलों को अधिकार दिए गए हैं।
  2. ड्रोन और सीसीटीवी: संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों और वेबकास्टिंग के जरिए मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय से सीधी निगरानी की जा रही है।

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