नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार राष्ट्र को संबोधित किया। इसके साथ ही वह जवाहरलाल नेहरू के बाद लगातार 13 स्वतंत्रता दिवस संबोधन देने वाले देश के दूसरे प्रधानमंत्री बन गए हैं। मोदी ने वर्ष 2014 में पहली बार लाल किले से स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित किया था।
इस उपलब्धि के साथ मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के लगातार 12 स्वतंत्रता दिवस संबोधनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। अब इस मामले में उनसे आगे केवल देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू हैं, जिन्होंने लगातार 17 बार लाल किले से स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संबोधित किया था।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने ‘विकसित भारत@2047’ के लक्ष्य को केंद्र में रखते हुए देश की आत्मनिर्भरता, ऊर्जा सुरक्षा, युवाशक्ति, तकनीक और राष्ट्रीय सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने विकास की दिशा में ‘सप्तधारा’ का रोडमैप भी सामने रखा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत तेजी से वैश्विक शक्ति के रूप में उभर रहा है और देश को आने वाले वर्षों में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रयास जरूरी हैं।
मोदी ने युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए नई पीढ़ी की आकांक्षाओं और भागीदारी पर विशेष जोर दिया। उनके भाषण में युवाओं का उल्लेख 52 बार हुआ। साथ ही उन्होंने नक्सलवाद, राष्ट्रीय सुरक्षा और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार की प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं।
इस बार प्रधानमंत्री का संबोधन करीब 75 मिनट का रहा, जो पिछले चार वर्षों में उनका सबसे छोटा स्वतंत्रता दिवस भाषण रहा। वर्ष 2025 में उनका संबोधन 103 मिनट का था, जो उनके कार्यकाल का सबसे लंबा भाषण था।
लाल किले से लगातार 13वें संबोधन के साथ मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय मंच पर अपनी दीर्घकालिक राजनीतिक उपस्थिति का एक और रिकॉर्ड दर्ज किया।





