Saturday, February 14, 2026

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रेहड़ी-पटरी वालों के लिए ‘मोदी की गारंटी’: अब मिलेगा पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड, पीएम बोले- गरीबों का कोई गारंटर नहीं था, इसलिए सरकार खुद बनी गारंटर

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं (स्ट्रीट वेंडर्स) को एक बड़ी सौगात देते हुए ‘पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड’ योजना का विस्तार किया है। एक विशेष कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन रेहड़ी-पटरी वालों को पहले बैंकों के दरवाजे से वापस लौटा दिया जाता था, आज सरकार खुद उनकी गारंटी ले रही है। इस नई पहल के माध्यम से अब रेहड़ी-पटरी वालों को न केवल बिना किसी कोलैटरल (गारंटी) के कर्ज मिलेगा, बल्कि वे डिजिटल लेनदेन के जरिए अपनी क्रेडिट रेटिंग भी सुधार सकेंगे।

क्रेडिट कार्ड से सुधरेगी आर्थिक साख

प्रधानमंत्री ने बताया कि ‘पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड’ को विशेष रूप से छोटे दुकानदारों की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।

  • बिना गारंटी कर्ज: इस कार्ड के जरिए स्ट्रीट वेंडर्स बिना किसी संपत्ति को गिरवी रखे अपनी कार्यशील पूंजी (Working Capital) के लिए लोन ले सकेंगे।
  • ब्याज में छूट: समय पर कर्ज चुकाने वाले विक्रेताओं को ब्याज में 7% की छूट दी जाएगी, जिससे उनके ऊपर वित्तीय बोझ कम होगा।
  • डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा: जितना अधिक लाभार्थी इस कार्ड और डिजिटल माध्यमों से लेन-देन करेंगे, उनकी ‘कैशबैक’ राशि बढ़ेगी और भविष्य में और बड़े ऋण के रास्ते खुलेंगे।

पीएम मोदी का भावुक संबोधन: “आपका सम्मान, हमारा संकल्प”

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में पिछली सरकारों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि दशकों तक रेहड़ी-पटरी वालों की सुध लेने वाला कोई नहीं था।

“पहले जिनके पास बैंक में दिखाने के लिए कोई गारंटी नहीं होती थी, उन्हें कर्ज नहीं मिलता था। लेकिन मोदी ने तय किया कि जिनके पास कोई गारंटी नहीं है, उनकी गारंटी देश की सरकार लेगी। आज बैंकों के दरवाजे आपके लिए खुले हैं क्योंकि आपकी मेहनत पर हमें अटूट भरोसा है।” — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

स्वनिधि से सशक्तिकरण: 80 लाख से अधिक को मिला लाभ

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पीएम स्वनिधि योजना के तहत अब तक 80 लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी वालों को ऋण वितरित किया जा चुका है।

  1. पहली किस्त: शुरुआत में 10,000 रुपये का लोन दिया जाता है।
  2. अगली किस्त: इसे चुकाने पर 20,000 और फिर 50,000 रुपये तक के ऋण की सुविधा उपलब्ध होती है।
  3. सामाजिक सुरक्षा: इस योजना को अब ‘स्वनिधि से समृद्धि’ अभियान से जोड़ दिया गया है, जिसके तहत लाभार्थियों और उनके परिवारों को उज्ज्वला गैस कनेक्शन और आयुष्मान कार्ड जैसी अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी प्राथमिकता पर दिया जा रहा है।

बिचौलियों और सूदखोरों से मुक्ति

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इस योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि गरीब अब सूदखोरों के चंगुल से आजाद हो रहे हैं। पहले रेहड़ी-पटरी वालों को दैनिक जरूरतों के लिए भारी ब्याज दर पर निजी साहूकारों से पैसा लेना पड़ता था, लेकिन अब सरकारी बैंक उन्हें सम्मान के साथ सीधे पैसा मुहैया करा रहे हैं।

भविष्य की राह: डिजिटल और सशक्त भारत

इस क्रेडिट कार्ड की शुरुआत को ‘विकसित भारत’ की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि देश का सबसे छोटा कारोबारी भी डिजिटल अर्थव्यवस्था का हिस्सा बने और सम्मान के साथ अपना जीवन यापन कर सके।

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