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रेस कोर्स मस्जिद विवाद: ओवैसी ने किरेन रिजिजू से मांगा हस्तक्षेप, छह दिन में परिसर खाली करने का नोटिस

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के नजदीक स्थित ऐतिहासिक रेस कोर्स मस्जिद को खाली कराने के नोटिस पर विवाद बढ़ गया है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने दिल्ली वक्फ बोर्ड की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए हैं।

ओवैसी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि मस्जिद वर्ष 1977 से राजपत्रित वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज है, इसके बावजूद वक्फ बोर्ड ने इसे गिराने के आदेश को चुनौती नहीं दी। उन्होंने आरोप लगाया कि विवाद सुलझाने के लिए भी कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।

वक्फ बोर्ड की भूमिका पर उठाए सवाल

ओवैसी ने कहा कि दिल्ली वक्फ बोर्ड का वर्ष 2023 से गठन नहीं हुआ है। ऐसे में केंद्रीय मंत्री को मामले के समाधान के लिए आगे आना चाहिए था। उन्होंने बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि वह हस्तक्षेप कर सकते थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

ओवैसी का तर्क है कि पूर्व में पंजीकृत वक्फ संपत्तियों को कानूनी संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने मस्जिद को लंबे समय से धार्मिक उपयोग में रही वक्फ संपत्ति बताते हुए उसके संरक्षण की मांग की।

छह दिन में परिसर खाली करने का नोटिस

मामले के अनुसार, भूमि एवं विकास कार्यालय (एलएंडडीओ) ने 19 अक्टूबर को मस्जिद परिसर को कथित तौर पर अनधिकृत बताते हुए छह दिनों के भीतर खाली करने का नोटिस जारी किया। मस्जिद की बिजली और पानी की आपूर्ति काटे जाने की भी जानकारी सामने आई है।

वहीं, प्रशासन का पक्ष है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर स्थित है। दूसरी ओर, मस्जिद के संरक्षण की मांग करने वाले पक्ष इसे पुरानी धार्मिक और विरासत संपत्ति बताते हुए कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं।

जमीयत ने भी की संरक्षण की मांग

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रतिनिधिमंडल ने भी केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू से मुलाकात कर मस्जिद और उससे जुड़े कब्रिस्तान को संरक्षण देने की मांग की है। संगठन ने कानूनी विवाद का समाधान होने तक किसी भी तरह की तोड़फोड़ की कार्रवाई टालने की अपील की है।

मस्जिद की जमीन और कानूनी स्थिति को लेकर विवाद के बीच अब सभी की नजर प्रशासन के अगले कदम और मामले में संभावित कानूनी कार्रवाई पर है।

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