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रूस प्रतिबंध कानून पर अमेरिका से चर्चा, विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने अमेरिकी सांसदों के प्रतिनिधिमंडल से की मुलाकात

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच रूस से जुड़े नए प्रतिबंध कानून को लेकर कूटनीतिक स्तर पर बातचीत जारी है। इसी क्रम में विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने रविवार को अमेरिकी कांग्रेस के द्विदलीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष ब्रायन मस्ट ने किया। बैठक में भारत-अमेरिका संबंधों के साथ हाल ही में लागू सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट (SRIA) पर विस्तार से चर्चा हुई।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि दोनों पक्षों ने भारत-अमेरिका संबंधों के सभी पहलुओं और भविष्य की दिशा पर विचार-विमर्श किया। इसके अलावा आपसी हित से जुड़े अंतरराष्ट्रीय मुद्दों, ऊर्जा सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग और नौवहन की स्वतंत्रता जैसे विषय भी चर्चा में शामिल रहे।

रूस से तेल खरीद पर प्रतिबंध का असर

बैठक ऐसे समय हुई है जब अमेरिका में पारित नए कानून को लेकर भारत उसकी संभावित आर्थिक और ऊर्जा संबंधी प्रभावों का आकलन कर रहा है। लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट, 2026 रूस के ऊर्जा कारोबार से जुड़े देशों पर अतिरिक्त आर्थिक प्रतिबंध और व्यापारिक उपायों का प्रावधान करता है। कानून के तहत रूसी तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर कुछ परिस्थितियों में अतिरिक्त शुल्क लगाने का अधिकार अमेरिकी राष्ट्रपति को दिया गया है।

भारत पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि वह अपनी आर्थिक हितों और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगा। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ बैठक में कानून से जुड़े भारत के हितों और चिंताओं को उठाया था।

द्विपक्षीय संबंधों पर भी जोर

बैठक में केवल प्रतिबंध कानून ही नहीं, बल्कि भारत-अमेरिका रणनीतिक संबंधों की आगे की दिशा पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने ऊर्जा, आतंकवाद और अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर सहयोग जारी रखने से जुड़े विषयों पर विचार साझा किए। भारत के लिए रूस से ऊर्जा आयात और अमेरिका के साथ व्यापक रणनीतिक संबंधों के बीच स

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