नई दिल्ली/अंडमान। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अंडमान और निकोबार में चल रहे ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल एक बड़े उद्योगपति की सुविधाओं और मुनाफे के लिए बनाई जा रही है, जबकि स्थानीय लोगों और पर्यावरण पर इसके गंभीर नकारात्मक असर होंगे।
राहुल गांधी ने ट्वीट और मीडिया ब्रीफिंग के माध्यम से बताया कि इस परियोजना में बड़े पैमाने पर वन्यजीवों, समुद्री जीवन और स्थानीय निवासियों के पारंपरिक जीवन पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने कहा, “किसी एक उद्योगपति के लाभ के लिए पूरे क्षेत्र और वहां रहने वाले लोगों का नुकसान उचित नहीं है। हमारी सरकार कभी भी जनता की भलाई के खिलाफ ऐसे कदम नहीं उठाएगी।”
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। परियोजना में बड़े औद्योगिक और अवसंरचनात्मक विकास शामिल हैं, जिससे वनस्पति, जीव-जंतु और समुद्री पारिस्थितिकी पर असर पड़ सकता है।
स्थानीय निवासियों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं की भी यह चिंता है कि उनका पारंपरिक जीवन प्रभावित होगा। उन्होंने सरकार से अपील की है कि परियोजना शुरू करने से पहले स्थानीय समुदाय और पर्यावरण विशेषज्ञों की राय को प्राथमिकता दी जाए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार को विकास और उद्योग दोनों के बीच संतुलन बनाए रखना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी परियोजना का निर्णय केवल बड़े उद्योगपतियों के हित में नहीं होना चाहिए, बल्कि जनहित और पर्यावरण सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, राहुल गांधी का यह बयान आगामी स्थानीय और राष्ट्रीय चुनावों में पर्यावरण और समाज के मुद्दों को मुख्य चुनावी एजेंडा बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
इस बीच, ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर केंद्र सरकार ने फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि सरकार का रुख यह है कि परियोजना से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और द्वीपों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।





