बुखारेस्ट। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रोमानियाई कंपनियों से भारत की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि भारत का ‘विकसित भारत 2047’ का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारी, निवेश और तकनीकी सहयोग के लिए व्यापक अवसर उपलब्ध करा रहा है।
राष्ट्रपति ने शुक्रवार को बुखारेस्ट में आयोजित भारत-रोमानिया व्यापार मंच को संबोधित करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने रोमानिया को यूरोप के महत्वपूर्ण साझेदारों में से एक बताते हुए कहा कि उसकी रणनीतिक स्थिति, कुशल मानव संसाधन और औद्योगिक क्षमताएं भारत के लिए उपयोगी साझेदारी के अवसर प्रस्तुत करती हैं।
मुर्मु ने कहा कि भारत निवेश के लिए पारदर्शी, भरोसेमंद और अनुकूल कारोबारी माहौल तैयार कर रहा है। उन्होंने बताया कि कर सुधार, उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजनाएं और डिजिटल ढांचे के विस्तार जैसे कदमों से भारत में व्यापार और निवेश के नए अवसर बढ़े हैं।
राष्ट्रपति ने दोनों देशों के बीच सहयोग के कई क्षेत्रों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा, हरित बदलाव, रसायन एवं उर्वरक, डिजिटल तकनीक, साइबर सुरक्षा, स्टार्टअप, परिवहन, लॉजिस्टिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य सेवा, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि भारत की डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की विशेषज्ञता रोमानिया की सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और उन्नत तकनीकी क्षमताओं के साथ मिलकर नए अवसर पैदा कर सकती है। दोनों देशों की कंपनियां मिलकर मजबूत आपूर्ति शृंखला विकसित कर सकती हैं, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
राष्ट्रपति मुर्मु ने भरोसा जताया कि भारत और रोमानिया के कारोबारी समुदाय इन अवसरों का लाभ उठाकर सफल व्यावसायिक साझेदारी स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बढ़ता सहयोग आने वाले वर्षों में आर्थिक संबंधों को और मजबूत करेगा।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति मुर्मु की रोमानिया यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों और आर्थिक सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया गया है। भारत ने रोमानिया को यूरोपीय संघ के एक महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में रेखांकित किया है और व्यापार, निवेश तथा तकनीकी सहयोग को विस्तार देने की इच्छा जताई है।





