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मोदी को FAO का एग्रीकोला मेडल, वैश्विक मंच पर भारत के अन्नदाताओं का सम्मान

रोम/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इटली में अंतरराष्ट्रीय संगठन FAO (Food and Agriculture Organization) द्वारा ‘एग्रीकोला मेडल’ से सम्मानित किया गया। प्रधानमंत्री ने यह पुरस्कार भारत के अन्नदाता और कृषि क्षेत्र के मेहनतकश लोगों को समर्पित किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने समारोह में कहा कि यह पुरस्कार भारत के किसानों की मेहनत, देश के खाद्य सुरक्षा प्रयास और कृषि विकास की उपलब्धियों का प्रतीक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की खाद्य उत्पादन क्षमता और किसानों की भूमिका इस पुरस्कार की असली वजह है।

FAO की ओर से प्रधानमंत्री को यह सम्मान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कृषि और खाद्य सुरक्षा में योगदान देने के लिए दिया गया। यह पदक उन व्यक्तियों या संस्थाओं को प्रदान किया जाता है जिन्होंने वैश्विक स्तर पर खाद्य उत्पादन, कृषि और पोषण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया हो।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत में सस्टेनेबल और तकनीकी-आधारित कृषि को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कृषि क्षेत्र में किए गए डिजिटल सुधार, फसल बीमा और किसान कल्याण योजनाओं का भी जिक्र किया।

विशेषज्ञों का कहना है कि प्रधानमंत्री द्वारा यह पुरस्कार अन्नदाताओं को समर्पित करना किसानों के सम्मान और भारतीय कृषि की वैश्विक पहचान को मजबूत करने वाला संदेश है। उन्होंने कहा कि यह कदम किसानों की प्रेरणा और आत्मविश्वास को बढ़ाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने FAO और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ खाद्य सुरक्षा, पोषण और टिकाऊ कृषि के विषय पर विचार-विमर्श भी किया। उन्होंने वैश्विक समुदाय से साझा प्रयासों के माध्यम से खाद्य सुरक्षा और कृषि विकास को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का लक्ष्य कृषि उत्पादन बढ़ाना और किसानों को बेहतर जीवन स्तर प्रदान करना है। उन्होंने यह भी बताया कि देश में नवीनतम कृषि तकनीक और स्मार्ट फार्मिंग के माध्यम से उत्पादन क्षमता में सुधार किया जा रहा है।

FAO की ‘एग्रीकोला मेडल’ प्राप्ति के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह पुरस्कार केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरा भारत और उसके किसानों का सम्मान है।

इस प्रकार, प्रधानमंत्री मोदी का FAO से सम्मान भारत के कृषि क्षेत्र और अन्नदाताओं की मेहनत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

 

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