महाराष्ट्र में पिछले दिनों हुई भारी बारिश और बाढ़ ने राज्य के बड़े हिस्से को प्रभावित किया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस आपदा में करीब 60 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि पर खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं। सबसे ज्यादा नुकसान मराठवाड़ा के आठ जिलों, सोलापुर, सातारा और सांगली में दर्ज किया गया है। आपदा में नौ लोगों की जान भी गई है।
राज्य सरकार ने प्रभावित किसानों और नागरिकों को राहत देने के लिए मुआवजे की प्रक्रिया को गति दी है। राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग की प्रमुख सचिव विनीता सिंघल ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देशानुसार अगले तीन से चार दिनों में मुआवजे की राशि सीधे प्रभावित किसानों और लोगों के बैंक खातों में भेज दी जाएगी।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि प्रारंभिक सर्वेक्षण में यह सामने आया है कि 60 लाख हेक्टेयर जमीन पर फसल को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि प्रभावित किसानों को सूखा राहत योजना के तहत मिलने वाले सभी लाभ उपलब्ध कराए जाएंगे।
फडणवीस ने भरोसा दिलाया कि दीवाली से पहले सभी प्रभावित किसानों के खातों में वित्तीय सहायता पहुंच जाएगी, ताकि वे त्योहार से पहले कुछ राहत महसूस कर सकें।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार बारिश के असमान वितरण और बाढ़ ने मराठवाड़ा क्षेत्र को सबसे ज्यादा प्रभावित किया। यहां कई इलाकों में कपास, सोयाबीन और दालों की फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। किसानों के सामने आजीविका का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
सरकार ने साफ किया है कि फसल बीमा योजना और अन्य राहत योजनाओं को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा, ताकि किसानों को बहुस्तरीय मदद मिल सके।
यह राहत कदम किसानों के लिए कठिन समय में संजीवनी साबित हो सकता है।
महाराष्ट्र: बारिश-बाढ़ से बर्बाद हुए किसानों को 3-4 दिन में मिलेगा मुआवजा





