देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने मदरसों को दिए जाने वाले अनुदान से जुड़े बजट प्रावधान को समाप्त करने का निर्णय लिया है। राज्य मंत्रिमंडल ने वित्तीय वर्ष 2027-28 से अरेबिया मदरसों के लिए अनुदान संबंधी बजट मद खत्म करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
सरकार के अनुसार, अल्पसंख्यक शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के बाद पुरानी अनुदान प्रणाली की आवश्यकता नहीं रह गई है। उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम-2025 और नई मान्यता नियमावली-2026 के तहत राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया गया है। इसके बाद पुरानी मदरसा बोर्ड व्यवस्था समाप्त हो चुकी है।
कैबिनेट के फैसले के बाद प्रदेश में संचालित सभी 452 पंजीकृत मदरसों को नई व्यवस्था के दायरे में लाया जाएगा। इन संस्थानों को सरकारी सुविधाओं और मान्यता के लिए पहले उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद से संबद्धता और फिर नए प्राधिकरण से मान्यता प्राप्त करनी होगी।
मदरसों को पहले जिस बजट मद से अनुदान दिया जाता था, उसमें करीब 50 लाख रुपये का प्रावधान किया जाता था। सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य अल्पसंख्यक शिक्षा संस्थानों में बेहतर नियमन और शैक्षिक गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद मदरसों के संचालन, मान्यता और शैक्षिक गतिविधियों की निगरानी राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के माध्यम से की जाएगी।





