Top 5 This Week

Related Posts

भारत-जर्मनी के बीच व्यापार और रक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर, एफटीए पर साल के अंत तक हस्ताक्षर की उम्मीद

नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता के बीच भारत और जर्मनी ने व्यापार, रक्षा और श्रम गतिशीलता के क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया है। भारत में जर्मनी के राजदूत जास्पर वीक ने बुधवार को कहा कि भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर 2026 के अंत तक हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।

राजदूत वीक ने कहा कि भारत के साथ संबंध जर्मनी के लिए लगातार महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल की तीन प्रमुख प्राथमिकताओं में भारत-ईयू एफटीए, श्रम प्रवासन और रक्षा सहयोग को शामिल किया। उनका कहना है कि एफटीए के जरिए दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को और बढ़ावा दिया जा सकता है।

आठ अरब डॉलर की पनडुब्बी परियोजना

रक्षा क्षेत्र में प्रस्तावित करीब 8 अरब डॉलर की छह पारंपरिक पनडुब्बियों की परियोजना को द्विपक्षीय संबंधों के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है। जर्मन कंपनी थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स (TKMS) और भारत की मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स (MDL) के बीच इस परियोजना के तहत भारत में पनडुब्बियों का निर्माण प्रस्तावित है। जर्मन राजदूत ने कहा कि जर्मनी की ओर से समझौते से जुड़ी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब भारत की आंतरिक प्रक्रियाएं पूरी होनी बाकी हैं।

उन्होंने कहा कि भविष्य में दोनों देश ड्रोन और अन्य मानवरहित प्रणालियों, साइबर क्षमताओं, मिसाइल तकनीक और सेंसर जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ा सकते हैं। भारत और जर्मनी के बीच रक्षा औद्योगिक सहयोग को लेकर पहले से सह-विकास और सह-उत्पादन की दिशा में काम चल रहा है।

कुशल भारतीयों के लिए वीजा बढ़ाने की तैयारी

श्रम गतिशीलता के मुद्दे पर वीक ने बताया कि जर्मनी फिलहाल भारतीय कुशल कामगारों को करीब 60 हजार दीर्घकालिक वीजा जारी करता है और इसे बढ़ाकर 80 हजार वार्षिक करने का लक्ष्य है। उन्होंने भारतीय छात्रों और कुशल पेशेवरों की जर्मनी में आवाजाही आसान बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया। छात्र वीजा से जुड़े लंबित मामलों को सुलझाने के लिए भी जर्मनी काम कर रहा है।

भारत और जर्मनी के बीच व्यापारिक संबंध भी लगातार बढ़ रहे हैं। दोनों देशों के नेताओं ने व्यापार, निवेश, तकनीक, ऑटोमोबाइल, रक्षा, जहाज निर्माण और ऊर्जा सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है।

Popular Articles