रुद्रप्रयाग/केदारनाथ: देवभूमि उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा अपने सबसे पावन पड़ाव पर पहुँच गई है। विश्व प्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग, भगवान केदारनाथ धाम के कपाट कल यानी बुधवार, 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे शुभ मुहूर्त में श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इस अलौकिक क्षण का साक्षी बनने के लिए केदारपुरी में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है। कपाट खुलने के ऐतिहासिक अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी केदारनाथ धाम में मौजूद रहेंगे और बाबा के प्रथम दर्शन कर लोक कल्याण की कामना करेंगे।
फूलों की घाटी बना केदारनाथ परिसर
कपाट उद्घाटन समारोह को भव्य बनाने के लिए केदारनाथ मंदिर को कई क्विंटल फूलों से सजाया गया है।
- अद्भुत सजावट: ऋषिकेश और दिल्ली से मंगाए गए गेंदे, गुलाब और विदेशी फूलों से पूरे मंदिर प्रांगण और गर्भगृह के मुख्य द्वार को सुसज्जित किया गया है।
- प्रशासनिक तैयारी: कपाट खुलने के साथ ही केदारनाथ यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो जाएगा। प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा और सुगमता के लिए पैदल मार्ग से लेकर धाम तक सभी आवश्यक इंतजाम पूरे कर लिए हैं।
गौरीकुंड से धाम के लिए रवाना हुई उत्सव डोली
भगवान केदारनाथ की पंचमुखी उत्सव विग्रह डोली अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रही है।
- आज का सफर: बाबा की डोली आज सुबह पूजा-अर्चना और विधि-विधान के बाद गौरीकुंड से केदारनाथ धाम के लिए रवाना हो गई है।
- भक्तों का उत्साह: डोली के साथ चल रहे हजारों श्रद्धालु ‘बम-बम भोले’ और ‘जय बाबा केदार’ के उद्घोष से पूरी केदार घाटी को गुंजायमान कर रहे हैं। सेना के बैंड की धुनों और स्थानीय ढोल-दमाऊ की थाप पर भक्त झूमते हुए बाबा की पालकी को लेकर पैदल मार्ग से धाम की ओर बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री धामी करेंगे विशेष पूजा-अर्चना
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कल सुबह केदारनाथ पहुँचने का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
- प्रथम अभिषेक: मुख्यमंत्री मंदिर के कपाट खुलने के पावन अवसर पर मुख्य पुजारी के साथ विशेष पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक में भाग लेंगे।
- संदेश: मुख्यमंत्री ने यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं का देवभूमि में स्वागत किया है और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
श्रद्धालुओं के लिए दिशा-निर्देश
बदरी-केदार मंदिर समिति और जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम के मिजाज को देखते हुए ही यात्रा मार्ग पर आगे बढ़ें।
- पंजीकरण अनिवार्य: यात्रा के लिए भारी संख्या में पंजीकरण हो चुके हैं, अतः बिना पंजीकरण वाले यात्रियों को उचित सलाह दी जा रही है।
- स्वास्थ्य सुविधाएं: केदारनाथ पैदल मार्ग पर जगह-जगह चिकित्सा शिविर स्थापित किए गए हैं ताकि ऑक्सीजन की कमी या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से तुरंत निपटा जा सके।





