नई दिल्ली। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन शुक्रवार को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचे। उनका यह दौरा करीब आठ साल बाद किसी ईरानी राष्ट्रपति की भारत यात्रा है। भारत में आयोजित होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन में पेजेशकियन की मौजूदगी ऐसे समय हो रही है, जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बना हुआ है।
दिल्ली पहुंचने के बाद ईरानी राष्ट्रपति ब्रिक्स बिजनेस फोरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य नेताओं के साथ शामिल होंगे। इसके बाद पेजेशकियन की प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
भारत और ईरान के संबंधों में व्यापार, ऊर्जा, कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय सहयोग महत्वपूर्ण मुद्दे रहे हैं। हाल ही में 31 अगस्त को बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान भी पीएम मोदी और पेजेशकियन की मुलाकात हुई थी। उस बैठक में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों और पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की थी। भारत ने क्षेत्र में तनाव कम करने और संवाद एवं कूटनीति के माध्यम से समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया था।
नई दिल्ली में 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को आयोजित होगा। भारत इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। सम्मेलन में 11 सदस्य देशों के नेताओं के साथ 10 साझेदार देशों के प्रतिनिधियों और कुछ अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों के शामिल होने की उम्मीद है।
ब्रिक्स सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, ऊर्जा, बहुपक्षीय सहयोग और वैश्विक दक्षिण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच मोदी-पेजेशकियन बैठक को क्षेत्रीय स्थिरता और भारत-ईरान संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।





