चेन्नई/नई दिल्ली। तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा देने के बाद नई राजनीतिक पहल ‘We The Leaders’ (वी द लीडर्स) की शुरुआत कर दी है। अन्नामलाई ने इस अभियान को जनभागीदारी और नेतृत्व आधारित आंदोलन बताते हुए युवाओं, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बदलाव चाहने वाले नागरिकों से जुड़ने की अपील की है।
भाजपा नेतृत्व द्वारा उनका इस्तीफा स्वीकार किए जाने के कुछ ही घंटों बाद अन्नामलाई ने अपने नए राजनीतिक अभियान का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य ऐसी राजनीति को बढ़ावा देना है, जो व्यक्ति पूजा और वंशवाद से ऊपर उठकर जनता-केंद्रित नेतृत्व तैयार करे।
अन्नामलाई के अनुसार, ‘वी द लीडर्स’ केवल एक राजनीतिक संगठन नहीं बल्कि एक व्यापक जनआंदोलन होगा, जो शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, सुशासन और युवा नेतृत्व जैसे मुद्दों पर काम करेगा। उन्होंने “कॉन्शियस कॉन्स्टिट्यूएंसी” (सजग निर्वाचन क्षेत्र) की अवधारणा भी पेश की, जिसके माध्यम से तकनीक और जनसरोकारों को जोड़ने की बात कही गई है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अन्नामलाई का यह कदम तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर सकता है। पूर्व आईपीएस अधिकारी रहे अन्नामलाई भाजपा का राज्य में प्रमुख चेहरा माने जाते थे और उनकी अलग राह चुनने से राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, अन्नामलाई का यह आंदोलन भविष्य में एक पूर्ण राजनीतिक दल का रूप भी ले सकता है। उन्होंने संकेत दिए हैं कि आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में सक्रिय भूमिका निभाने की योजना बनाई जा रही है।
अन्नामलाई के नए अभियान को लॉन्च होते ही बड़ी संख्या में समर्थकों और स्वयंसेवकों का समर्थन मिलने की खबर है। राजनीतिक गलियारों में अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि ‘वी द लीडर्स’ तमिलनाडु की राजनीति में कितना प्रभाव छोड़ पाता है और क्या यह राज्य की पारंपरिक राजनीतिक ताकतों को चुनौती दे सकेगा।





