गोपेश्वर। बदरीनाथ मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी प्रकरण सामने आने के 13 दिन बाद मंदिर परिसर में स्थापित दानपात्रों की दोबारा गणना कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कराई गई। पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए और गणना बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के मुख्य कार्याधिकारी की निगरानी में संपन्न हुई।
बुधवार को मंदिर परिसर में रखे गए 26 दानपात्र खोले गए। करीब छह घंटे तक चली गणना के दौरान दानपात्रों से लगभग 28 लाख रुपये नकद, तीन किलोग्राम चांदी और करीब 40 ग्राम सोना प्राप्त हुआ। इससे पहले दो जुलाई को हुई गणना में मंदिर को लगभग 16 लाख रुपये का चढ़ावा मिला था।
हेराफेरी के आरोप सामने आने के बाद इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त किया गया। गणना कक्ष में प्रवेश से पहले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और प्रक्रिया से जुड़े अन्य लोगों की गहन तलाशी ली गई। वहीं, गणना पूरी होने के बाद बाहर निकलते समय भी सभी की दोबारा जांच की गई, ताकि पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सके।
गौरतलब है कि दो जुलाई को मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी का मामला सामने आने के बाद बीकेटीसी ने जांच शुरू कराई थी। इसके बाद दानपात्रों की गणना व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधों को और मजबूत किया गया। हाल के दिनों में मामले में पुलिस और संबंधित एजेंसियों की जांच भी जारी है।





