Top 5 This Week

Related Posts

बंगाल की खाड़ी में दो नावें डूबीं, 500 से अधिक रोहिंग्या शरणार्थियों के मारे जाने की आशंका

बंगाल की खाड़ी में दो नावों के डूबने की घटना में 500 से अधिक रोहिंग्या शरणार्थियों के मारे जाने की आशंका जताई गई है। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों ने इस हादसे को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि नावों में सवार लोग म्यांमार के रखाइन क्षेत्र से निकले थे और सुरक्षित स्थानों की तलाश में समुद्री रास्ते से यात्रा कर रहे थे।

रिपोर्टों के अनुसार, दोनों नावों में बड़ी संख्या में रोहिंग्या शरणार्थी सवार थे। इनमें से एक नाव के जून के अंत में रवाना होने के बाद संपर्क टूटने की जानकारी मिली, जबकि दूसरी नाव के म्यांमार के अय्यरवाडी तट के पास डूबने की आशंका जताई गई है। हादसे के बाद बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की खबर है।

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) और अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) इस घटना की जानकारी जुटा रहे हैं। एजेंसियों ने कहा है कि समुद्री मार्ग से पलायन करने वाले रोहिंग्या लोगों के लिए यह यात्रा बेहद खतरनाक साबित हो रही है। खराब मौसम, क्षमता से अधिक यात्रियों को ले जाना और अवैध मानव तस्करी नेटवर्क इन यात्राओं को और जोखिमपूर्ण बना रहे हैं।

म्यांमार में लंबे समय से हिंसा और असुरक्षा का सामना कर रहे रोहिंग्या बड़ी संख्या में पड़ोसी देशों की ओर पलायन कर रहे हैं। इनमें से कई लोग बांग्लादेश के शरणार्थी शिविरों से भी समुद्री रास्तों के जरिए मलेशिया और इंडोनेशिया जैसे देशों तक पहुंचने का प्रयास करते हैं।

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने क्षेत्रीय देशों से समुद्र में फंसे शरणार्थियों के लिए खोज और बचाव अभियान मजबूत करने तथा मानवीय सहायता उपलब्ध कराने की अपील की है। एजेंसियों के अनुसार, समुद्री मार्ग से होने वाले ऐसे हादसों में हाल के वर्षों में बड़ी संख्या में लोगों की जान जा चुकी है।

इस घटना ने एक बार फिर रोहिंग्या शरणार्थी संकट और सुरक्षित पलायन के विकल्पों की कमी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया है। राहत और बचाव प्रयासों के साथ-साथ रोहिंग्या समुदाय की सुरक्षा और मानवीय स्थिति को लेकर भी वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है।

Popular Articles