नई दिल्ली। NEET-UG परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र सरकार इस बार बड़े स्तर पर तैयारी कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आगामी परीक्षा के दौरान पहली बार सशस्त्र बलों की मदद लेने पर विचार किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी, पेपर लीक या अव्यवस्था को रोकना है।
बताया जा रहा है कि परीक्षा केंद्रों की निगरानी, प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए विशेष योजना बनाई जा रही है। इसके तहत सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों का सहयोग लिया जा सकता है। हाल के वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आए विवादों के बाद सरकार इस बार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती।
सूत्रों के मुताबिक, परीक्षा संचालन को लेकर शिक्षा मंत्रालय और संबंधित एजेंसियों के बीच लगातार बैठकें हो रही हैं। केंद्र सरकार चाहती है कि देशभर में लाखों छात्रों के लिए परीक्षा निष्पक्ष और शांतिपूर्ण माहौल में आयोजित हो। इसके लिए डिजिटल मॉनिटरिंग और सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल भी लागू किए जा सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से परीक्षा प्रणाली में छात्रों और अभिभावकों का भरोसा बढ़ेगा। वहीं, सरकार ने साफ किया है कि परीक्षा की गोपनीयता और पारदर्शिता बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है।
NEET-UG देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल है, जिसमें हर साल लाखों छात्र हिस्सा लेते हैं। ऐसे में परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए इस बार सुरक्षा इंतजाम पहले से अधिक मजबूत किए जा रहे हैं।





