नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि परीक्षा प्रश्नपत्र लीक करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने पेपर लीक की घटनाओं को रोकने और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कड़े प्रावधान किए हैं। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें कठोर दंड का सामना करना पड़ेगा।
अमित शाह ने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले लोगों के खिलाफ सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के तहत पेपर लीक, नकल और संगठित परीक्षा अपराधों में शामिल लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
केंद्र सरकार ने सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों को रोकने के लिए कानून को और मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए हैं। प्रस्तावित संशोधनों में दोषियों के लिए सजा बढ़ाने, जांच और सुनवाई की प्रक्रिया को तेज करने तथा विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों के माध्यम से मामलों के शीघ्र निपटारे का प्रावधान किया गया है।
नए प्रावधानों के तहत परीक्षा में धांधली और प्रश्नपत्र लीक जैसे मामलों में शामिल लोगों के लिए अधिक कठोर सजा का प्रस्ताव है। संगठित रूप से पेपर लीक कराने वाले गिरोहों और इसमें सहयोग करने वाली संस्थाओं पर भी सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
गृह मंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं लाखों युवाओं के करियर से जुड़ी होती हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की प्रमुख जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था से न केवल अपराधियों में डर पैदा होगा, बल्कि ईमानदारी से परीक्षा देने वाले छात्रों का भरोसा भी मजबूत होगा।
सरकार के अनुसार, पेपर लीक और परीक्षा में अनुचित तरीकों के इस्तेमाल को रोकने के लिए तकनीक के बेहतर उपयोग, निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। नए कानूनी प्रावधानों का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित और निष्पक्ष बनाना है।
अमित शाह ने स्पष्ट किया कि देश के युवाओं के हितों की रक्षा के लिए सरकार हर आवश्यक कदम उठाएगी और परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।





