इस्लामाबाद/मुजफ्फराबाद। पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में पिछले एक महीने से जारी पाकिस्तान विरोधी आंदोलन अब और उग्र हो गया है। रविवार को विभिन्न क्षेत्रों में हजारों लोगों ने सड़कों पर उतरकर पाकिस्तान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए फायरिंग और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि कई अन्य घायल हुए।
आंदोलन का नेतृत्व कर रही जम्मू-कश्मीर संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) ने आरोप लगाया कि उसके कई वरिष्ठ नेताओं को गिरफ्तार किया गया है। संगठन ने गिरफ्तार नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग करते हुए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। इसके बाद पीओजेके के कई शहरों में जनसमर्थन बढ़ता दिखाई दिया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि क्षेत्र में खाद्य सामग्री, दवाइयों और आवश्यक वस्तुओं की कमी के साथ-साथ प्रशासनिक दमन के कारण लोगों में भारी असंतोष है। आंदोलनकारियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और भारत से भी इस मुद्दे पर ध्यान देने तथा मानवीय सहायता की अपील की है। कुछ प्रदर्शनकारियों ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) से जुड़े प्रतिबंधों पर भी सवाल उठाए।
जेएएसी के नेताओं का दावा है कि यदि सरकार ने गिरफ्तार लोगों को रिहा नहीं किया और कार्रवाई बंद नहीं की तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। संगठन ने बड़ी संख्या में लोगों को एकजुट करने की तैयारी शुरू कर दी है।
हालांकि, पाकिस्तान प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों के आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है।
पीओजेके में जारी यह आंदोलन पाकिस्तान सरकार के लिए नई चुनौती बनता दिखाई दे रहा है। लगातार बढ़ते विरोध और सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बीच क्षेत्र की स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।





