नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्रियों से कारपूलिंग करने का आग्रह किया है ताकि देश में ईंधन की बचत हो सके। उन्होंने यह संदेश व्यक्तिगत और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के साथ-साथ आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बताया।
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के सूत्रों ने बताया कि पीएम मोदी ने मंत्रियों से यह निर्देश देते हुए कहा कि सरकारी वाहन और व्यक्तिगत वाहन चलाते समय ईंधन की बचत को प्राथमिकता दी जाए। उनका यह कदम इंधन संकट और वैश्विक तेल की कीमतों में बढ़ोतरी को ध्यान में रखते हुए आया है।
पीएम मोदी ने कहा कि कारपूलिंग न केवल खर्च कम करती है, बल्कि प्रदूषण को भी घटाती है और पर्यावरण संरक्षण में मददगार होती है। उन्होंने मंत्रियों से यह भी कहा कि यह पहल आम जनता के लिए भी एक उदाहरण बने।
सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी की इस अपील के बाद कई मंत्रालयों ने कारपूलिंग और शिफ्ट-वार वाहन संचालन को लागू करने की दिशा में कदम उठाए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इससे सरकारी संसाधनों का अधिक कुशल उपयोग होगा और नागरिकों को भी सकारात्मक संदेश जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम ऊर्जा संरक्षण और सतत विकास के राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ऐसे छोटे-छोटे प्रयासों का समग्र प्रभाव बड़े पैमाने पर ईंधन की बचत और प्रदूषण नियंत्रण में देखा जा सकता है।
प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि सभी सरकारी कार्यालयों और मंत्रालयों में ईंधन की खपत पर निगरानी बढ़ाई जाए और सभी कर्मचारियों को जागरूक किया जाए। इसके अलावा, सार्वजनिक परिवहन और अन्य साझा वाहन प्रणालियों को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।
इस पहल का उद्देश्य न केवल सरकारी स्तर पर ईंधन की बचत करना है, बल्कि आम जनता के लिए भी सकारात्मक व्यवहार मॉडल प्रस्तुत करना है। सरकार का मानना है कि यदि नेता स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करें तो जनता भी इसे अपनाने में अधिक प्रेरित होगी।
इस अपील के बाद मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि वे जल्द ही कारपूलिंग और साझा वाहन उपयोग के लिए योजना बनाएंगे और इसका पालन सुनिश्चित करेंगे।






