नई दिल्ली। पाकिस्तान और तुर्किए के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। 19 से 21 अगस्त के बीच तुर्किए के सैन्य परिवहन विमानों की पाकिस्तान के लिए लगातार आवाजाही ने भारतीय रक्षा हलकों का ध्यान खींचा है। इन उड़ानों के उद्देश्य और उनमें ले जाए जा रहे सामान को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन भारत स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है।
रिपोर्ट के मुताबिक, तुर्किए के सैन्य परिवहन विमानों ने हाल के दिनों में पाकिस्तान के लिए कई उड़ानें भरी हैं। इस असामान्य गतिविधि को दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग के संदर्भ में देखा जा रहा है। भारतीय सुरक्षा प्रतिष्ठान यह आकलन कर रहा है कि इन उड़ानों के जरिए किसी तरह के सैन्य उपकरण या अन्य रक्षा सामग्री तो नहीं भेजी जा रही।
पाकिस्तान-तुर्किए की बढ़ती नजदीकी
तुर्किए और पाकिस्तान के बीच रक्षा संबंध पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुए हैं। दोनों देश सैन्य प्रशिक्षण, रक्षा उपकरण, नौसैनिक परियोजनाओं और ड्रोन तकनीक समेत कई क्षेत्रों में सहयोग कर रहे हैं। पाकिस्तान तुर्किए से विभिन्न रक्षा प्रणालियां भी हासिल कर चुका है।
मौजूदा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब क्षेत्रीय सुरक्षा परिस्थितियां पहले से संवेदनशील हैं। ऐसे में सैन्य परिवहन विमानों की बार-बार आवाजाही को भारत रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मान रहा है।
हथियारों की सप्लाई पर स्पष्टता नहीं
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इन उड़ानों में वास्तव में क्या सामान ले जाया गया। पूर्व में भी तुर्किए के सैन्य विमानों के पाकिस्तान पहुंचने के बाद हथियारों की आपूर्ति को लेकर अटकलें लगती रही हैं, लेकिन तुर्किए ने कुछ मौकों पर ऐसी रिपोर्टों को खारिज किया है।
भारतीय पक्ष फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर निगरानी रख रहा है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि तुर्किए-पाकिस्तान सैन्य सहयोग में संभावित वृद्धि का असर दक्षिण एशिया के रणनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों देशों की सैन्य गतिविधियों और रक्षा समझौतों पर भारत की नजर बनी रहेगी।





