इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में सरगोधा यूनिवर्सिटी के बाहर अहमदिया समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक और भड़काऊ संदेश वाले बैनर लगाए जाने से विवाद खड़ा हो गया है। यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने पाकिस्तान में अहमदिया समुदाय के खिलाफ कथित भेदभाव, हिंसा और कानूनी प्रतिबंधों को लेकर गंभीर चिंता जताई है।
रिपोर्ट के अनुसार, सरगोधा यूनिवर्सिटी रोड पर लगाए गए कई बैनरों में अहमदिया समुदाय के सामाजिक बहिष्कार और उन्हें महत्वपूर्ण पदों से हटाने की मांग की गई। कुछ बैनरों में समुदाय को पाकिस्तान के प्रति ‘अवफादार’ बताया गया। एक बैनर पर समुदाय की धार्मिक पहचान के खिलाफ आपत्तिजनक नारा भी लिखा गया था।
अहमदिया संगठन ने की कार्रवाई की मांग
जमात-ए-अहमदिया पाकिस्तान ने बैनरों की कड़ी निंदा करते हुए उन्हें तत्काल हटाने की मांग की है। संगठन ने प्रशासन से बैनर लगाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई करने की अपील की। संगठन का कहना है कि धार्मिक मतभेदों के आधार पर किसी समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाना स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।
UN ने जताई थी गंभीर चिंता
बैनर लगाए जाने से एक दिन पहले संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने पाकिस्तान में अहमदिया समुदाय की स्थिति पर चिंता जताई थी। उन्होंने धार्मिक पहचान के आधार पर भेदभाव, धमकी और हिंसा रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जरूरत बताई थी। विशेषज्ञों ने अहमदिया इबादतगाहों पर हमलों, कब्रों की बेअदबी और धार्मिक गतिविधियों से जुड़े मामलों में गिरफ्तारी जैसी घटनाओं का भी उल्लेख किया।
पाकिस्तान की संसद ने 1974 में अहमदिया समुदाय को गैर-मुस्लिम घोषित किया था। इसके बाद 1984 में उनके लिए खुद को मुस्लिम बताने और कुछ इस्लामी धार्मिक गतिविधियां करने पर कानूनी प्रतिबंध लगाए गए। ऐसे में सरगोधा यूनिवर्सिटी के बाहर लगे बैनरों ने पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।





