दुबई/यरूशलेम: पश्चिम एशिया के समुद्री मार्ग और युद्धग्रस्त इलाकों से अशांति की खबरें निरंतर बढ़ती जा रही हैं। सामरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) में तीन व्यापारिक जहाजों पर अज्ञात हमलों के बाद क्षेत्र में भारी भ्रम और भय की स्थिति पैदा हो गई है। इसी बीच, गाजा सीमा के करीब जारी इस्राइली सैन्य अभियान के दौरान एक अंतरराष्ट्रीय पत्रकार के मारे जाने की पुष्टि हुई है, जिससे प्रेस की सुरक्षा को लेकर वैश्विक स्तर पर आक्रोश व्याप्त है।
होर्मुज में समुद्री हमला: रसद आपूर्ति पर बढ़ा खतरा
होर्मुज जलडमरूमध्य, जिसे दुनिया की ‘आर्थिक जीवन रेखा’ कहा जाता है, वहां एक साथ तीन बड़े जहाजों को निशाना बनाए जाने की खबर है।
- भ्रम की स्थिति: अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये हमले ड्रोन के जरिए किए गए, मिसाइलों से या फिर समुद्री बारूदी सुरंगों (Mines) के माध्यम से। विभिन्न देशों की नौसेनाएं और समुद्री सुरक्षा एजेंसियां परस्पर विरोधी रिपोर्टें दे रही हैं, जिससे जहाजों की सही स्थिति को लेकर भ्रम बना हुआ है।
- क्षति का आकलन: शुरुआती जानकारी के अनुसार, कम से कम दो जहाजों के डेक पर आग लगने की सूचना है। अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक बल (CMF) मौके पर पहुँचकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं।
- वैश्विक प्रभाव: इन हमलों के कारण वैश्विक तेल बाजार और जहाजों के बीमा प्रीमियम में तत्काल उछाल आने की आशंका बढ़ गई है।
युद्ध क्षेत्र में रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकार की मौत
समुद्र में मचे बवाल के बीच, जमीनी जंग में एक और दुखद घटना सामने आई है। इस्राइली सेना की कार्रवाई के दौरान कवरेज कर रहे एक पत्रकार की मौत हो गई।
- घटना का विवरण: चश्मदीदों के अनुसार, पत्रकार ने स्पष्ट रूप से ‘Press’ अंकित सुरक्षा जैकेट पहन रखी थी, बावजूद इसके वह एक हवाई हमले या गोलाबारी की चपेट में आ गया।
- इस्राइल का पक्ष: इस्राइली रक्षा बल (IDF) ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा है कि वे मामले की जांच कर रहे हैं कि क्या पत्रकार किसी क्रॉसफायर (दोतरफा गोलीबारी) की चपेट में आया या यह एक तकनीकी चूक थी।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: प्रेस की स्वतंत्रता पर उठते सवाल
पत्रकार की मौत के बाद अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठनों और मानवाधिकार समूहों ने कड़ा विरोध जताया है।
- संयुक्त राष्ट्र की चिंता: यूएन ने प्रेस कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा है कि पत्रकारों को निशाना बनाना युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है।
- जवाबदेही की मांग: विभिन्न पत्रकार संघों ने इस घटना की स्वतंत्र जांच की मांग की है ताकि दोषियों की पहचान की जा सके।
क्षेत्र में युद्ध की आहट
विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज में जहाजों पर हमले और पत्रकारों की बढ़ती मौतें इस बात का संकेत हैं कि संघर्ष अब नियंत्रण से बाहर होता जा रहा है।
- नौसैनिक अलर्ट: अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने अपने युद्धपोतों को होर्मुज की ओर रवाना कर दिया है ताकि अन्य व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा प्रदान की जा सके।
- कूटनीतिक गतिरोध: इन घटनाओं ने पहले से चल रही शांति वार्ताओं को ठंडे बस्ते में डाल दिया है, क्योंकि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर उकसावे की कार्रवाई का आरोप लगा रहे हैं।




