न्यूयॉर्क | अमेरिका के न्यूयॉर्क राज्य में प्रस्तावित जाति आधारित बिल विधानसभा में पास नहीं हो सका। हिंदू समुदाय और विभिन्न संगठनों के विरोध के कारण यह विधेयक असफल रहा। बिल का उद्देश्य जातिगत भेदभाव और जाति आधारित हिंसा के मामलों को कानून के तहत कवर करना था, लेकिन समर्थकों और विरोधियों के बीच बहस के बाद इसे मंजूरी नहीं मिली।
सूत्रों के अनुसार, बिल का विरोध करने वाले समूहों ने इसे हिंदू धर्म और संस्कृति में हस्तक्षेप बताते हुए इसे अस्वीकार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बिल के लागू होने से धार्मिक और सामाजिक स्वतंत्रता पर असर पड़ सकता है।
विधेयक के समर्थकों ने इसे जातिगत असमानता और उत्पीड़न से निपटने के लिए जरूरी बताया, जबकि विरोधियों का तर्क था कि यह केवल एक विशेष समुदाय पर केंद्रित कानून होगा और इससे धर्म और सामाजिक संस्थाओं पर अनुचित दबाव पड़ेगा।
इस असफलता के बाद बिल के प्रायोजकों ने कहा कि वे भविष्य में सुधार के साथ इसे पुनः पेश करने पर विचार करेंगे, लेकिन फिलहाल यह पहल विधानसभा में रुक गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, न्यूयॉर्क जैसे बहुसांस्कृतिक राज्य में भी जाति और धर्म आधारित मुद्दों पर संतुलित कानून बनाना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।





