चमोली | उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित विश्व धरोहर क्षेत्र नंदा देवी कोर जोन में जैव विविधता के व्यापक अध्ययन के लिए 85 सदस्यीय वैज्ञानिक दल को रवाना किया गया है। यह टीम क्षेत्र की पारिस्थितिकी, वनस्पतियों और वन्यजीवों का विस्तृत सर्वेक्षण करेगी।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नंदा देवी कोर जोन में मौजूद दुर्लभ जैव विविधता का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण करना और इसके संरक्षण के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करना है। टीम उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जाकर वनस्पति, जीव-जंतु और पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े एकत्र करेगी।
टीम में जीवविज्ञानियों, पर्यावरण विशेषज्ञों, वन विभाग के अधिकारियों और प्रशिक्षित गाइड्स को शामिल किया गया है। अध्ययन के दौरान ड्रोन सर्वे, जीपीएस मैपिंग और कैमरा ट्रैप जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा, जिससे क्षेत्र की सटीक जानकारी जुटाई जा सके।
चमोली जिला प्रशासन ने टीम की सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं। दुर्गम क्षेत्रों में पहुंचने के लिए स्थानीय सहयोग भी लिया जा रहा है, ताकि शोध कार्य बिना किसी बाधा के पूरा हो सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह अध्ययन नंदा देवी क्षेत्र की जैव विविधता संरक्षण नीतियों को मजबूत आधार प्रदान करेगा और भविष्य में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।





