नई दिल्ली। जेन-ज़ी आंदोलन को लेकर भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत तथा CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रवक्ता सौरभ दास के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। कंगना के विवादित बयान के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर तीखे शब्दों में हमला बोला, जिससे यह मुद्दा राजनीतिक और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।
कंगना रनौत ने जेन-ज़ी आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदर्शनकारियों को लेकर कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने आंदोलन से जुड़े वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट की आलोचना करते हुए इसे “गटरछाप” संस्कृति का उदाहरण बताया। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि इस तरह की भाषा और व्यवहार को समाज में कैसे स्वीकार किया जा सकता है। उनके इस बयान के बाद विपक्षी दलों और कई सामाजिक संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई।
कंगना के बयान पर CJP के प्रवक्ता सौरभ दास ने पलटवार करते हुए कहा कि जेन-ज़ी पीढ़ी ने देश के लिए जितना योगदान दिया है, उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि कंगना युवाओं की भावनाओं को समझने के बजाय उनका अपमान कर रही हैं। दास ने यह भी कहा कि आज की युवा पीढ़ी कंगना के विचारों को गंभीरता से नहीं लेती और लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
इसके जवाब में कंगना रनौत ने सौरभ दास पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए उन्हें “बेकार और बेरोजगार” बताया। उन्होंने कहा कि जिस उम्र में सौरभ स्वयं को छात्र बता रहे हैं, उस उम्र में वह दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीत चुकी थीं। कंगना ने यह भी सवाल उठाया कि 28 वर्ष की आयु में कोई व्यक्ति खुद को छात्र कैसे बता सकता है।
दोनों नेताओं के बीच यह बयानबाजी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस विवाद ने जेन-ज़ी आंदोलन, युवाओं की राजनीतिक भागीदारी और सार्वजनिक जीवन में नेताओं की भाषा को लेकर नई बहस छेड़ दी है। विपक्षी दल कंगना के बयान को युवाओं का अपमान बता रहे हैं, जबकि भाजपा की ओर से इस मामले पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।





