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जेनेवा के एरियाना पार्क में दिखेंगे भारत के पांच मोर, एक सफेद भी

जेनेवा। भारत ने अपनी सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत के प्रतीक राष्ट्रीय पक्षी मोर को एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र कार्यालय, जेनेवा तक पहुंचाया है। भारत की ओर से संयुक्त राष्ट्र को पांच भारतीय मोर भेंट किए गए हैं। इनमें चार नीले और एक दुर्लभ सफेद पंखों वाला नर मोर शामिल है। इन मोरों को जेनेवा स्थित एरियाना पार्क में रखा जाएगा।

पांचों मोरों को शुक्रवार को आयोजित विशेष समारोह में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि अरिंदम बागची ने यूएन जेनेवा की महानिदेशक तातियाना वेलोवाया को औपचारिक रूप से सौंपा। यह पहल भारत और संयुक्त राष्ट्र के बीच लंबे समय से चली आ रही परंपरा को फिर से जीवित करती है।

1981 में भी भेजे गए थे मोर

भारत ने इससे पहले वर्ष 1981 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में दिल्ली चिड़ियाघर से मोरों का एक प्रजनन जोड़ा जेनेवा भेजा था। अब करीब साढ़े चार दशक बाद भारत ने फिर मोर भेंट किए हैं। यूएन परिसर में मोरों की मौजूदगी की परंपरा इससे भी पुरानी मानी जाती है।

चार नीले और एक सफेद मोर का चयन संयुक्त राष्ट्र के नीले और सफेद रंगों से भी जुड़ा हुआ है। सफेद मोर अपनी दुर्लभ रंगत के कारण विशेष आकर्षण का केंद्र बना है।

तीन महीने तक निगरानी में रहेंगे

नए वातावरण में ढलने के लिए सभी मोरों को करीब तीन महीने तक सुरक्षित और बंद परिसर में रखा जाएगा। उनकी देखभाल यूएन कर्मचारियों के साथ जेनेवा बायोपार्क के विशेषज्ञ करेंगे। अनुकूलन अवधि पूरी होने के बाद उन्हें एरियाना पार्क में खुले क्षेत्र में घूमने की अनुमति दी जाएगी।

करीब 46 हेक्टेयर में फैला एरियाना पार्क जेनेवा के प्रमुख ऐतिहासिक पार्कों में शामिल है। यहां लंबे समय से मोरों की मौजूदगी रही है। भारत की ओर से की गई यह भेंट प्राकृतिक विरासत, जैव विविधता संरक्षण और भारत-यूएन संबंधों की निरंतरता का प्रतीक मानी जा रही है।

 

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