नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी के यानम तटीय क्षेत्र के पास पहुंच गया। तूफान के प्रभाव से तटीय इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं। कई स्थानों पर पेड़ उखड़ने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की खबरें हैं। मौसम विभाग के अनुसार, तूफान के दौरान हवा की गति 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रही है, जबकि झोंकों की रफ्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है।
कई जिलों में भारी बारिश, जनजीवन प्रभावित
आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम समेत तटीय जिलों में समुद्र की ऊंची लहरों और तेज हवाओं के कारण स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत शिविरों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है।
समाचार एजेंसियों के अनुसार, आंध्र प्रदेश में हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बिजली और संचार सेवाओं को नुकसान पहुंचने की आशंका के बीच आपदा प्रबंधन टीमें लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं।
ओडिशा के पांच जिलों में रेड अलर्ट
चक्रवात के प्रभाव से ओडिशा के गंजाम, गजपति, कोरापुट, रायगढ़ा और मलकानगिरी जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। राज्य सरकार ने राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखा है। संवेदनशील जिलों में स्कूल, कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों में भी बारिश और तेज हवाओं की आशंका जताई गई है। झारखंड, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी चक्रवात के प्रभाव से बारिश हो सकती है।
रेल और सड़क यातायात पर असर
खराब मौसम को देखते हुए रेलवे ने एहतियातन कुछ ट्रेनों को रद्द किया है और कई सेवाओं में बदलाव किया है। तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।
बचाव अभियान तेज, प्रशासन अलर्ट
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और अन्य राहत एजेंसियों को तैनात किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता लोगों की जान बचाने और बिजली, पानी तथा संचार जैसी जरूरी सेवाओं को जल्द बहाल करने की है। चक्रवात के आगे बढ़ने के साथ प्रभावित राज्यों में मौसम की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।





