गंगोत्री हाईवे पर ऑल वेदर रोड निर्माण के बाद नासूर बने बंदरकोट भूस्खलन क्षेत्र में बीआरओ की ओर से ट्रीटमेंट का कार्य शुरू कर दिया गया है। वहीं जल्द ही गंगोत्री हाईवे पर रतूड़ीसेरा में भी ट्रीटमेंट का कार्य शुरू हो जाएगा। कार्य केंद्र सरकार की गंगोत्री हाईवे पर टिहरी और उत्तरकाशी जनपद में 12 भूस्खलन जोन के ट्रीटमेंट योजना के तहत किया जा रहा है।
गंगोत्री हाईवे पर बीआरओ की ओर से टिहरी से उत्तरकाशी जनपद तक 12 भूस्खलन जोन को चिह्नित किया गया था, जिसमें से 10 टिहरी जनपद और दो उत्तरकाशी जिले के शामिल है। भूस्खलन जोन के लिए टीएचडीसी की ओर से करीब 70 करोड़ की लागत से डीपीआर तैयार की गई थी, जिसको केंद्र सरकार की ओर से मंजूरी मिलने के बाद प्रथम चरण में गंगोत्री हाईवे पर बंदरकोट भूस्खलन जोन पर ट्रीटमेंट का कार्य शुरू हो गया है।
बता दें कि गंगोत्री हाईवे पर ऑल वेदर रोड परियोजना के शुरू होते ही बंदरकोट में भूस्खलन जोन सक्रिय हो गया था, जो कई वर्षों से बरसात और चारधाम यात्रा के दौरान नासूर बना हुआ था। गत वर्ष भी यहां पर भूस्खलन के कारण हाईवे दो से तीन दिन बंद रहा था। बीआरओ के अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद बंदरकोट में सॉइल लिनिंग पद्धति के अनुसार ट्रीटमेंट कार्य शुरू कर दिया गया है। जल्द ही रतूड़ीसेरा में भी ट्रीटमेंट का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।





