देहरादून/उत्तराखंड। केदारनाथ धाम में वीआईपी दर्शन के नाम पर तीर्थयात्रियों के साथ ठगी करने वाले फर्जी IRCTC एजेंटों का नेटवर्क पुलिस ने पकड़ा है। अधिकारियों के अनुसार, नकली एजेंटों ने श्रद्धालुओं से बड़ी राशि वसूली, लेकिन उन्हें वादा किए गए विशेष दर्शन और सुविधाएं नहीं दीं।
पुलिस ने बताया कि यह गिरोह सोशल मीडिया और टूर पैकेज के माध्यम से काम करता था। यात्रियों को विशेष वीआईपी पास और आरक्षित टिकट दिलाने का झांसा देकर उनसे पैसे वसूल किए जाते थे। जब तीर्थयात्री वास्तविक आरक्षण के लिए पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि एजेंट पूरी तरह फर्जी हैं।
अधिकारियों ने कहा कि गिरफ्तार आरोपी फर्जी आईआरसीटीसी दस्तावेज और पास भी बनाते थे, ताकि आम यात्री उन्हें भरोसेमंद समझें। इस गिरोह के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (फर्जी दस्तावेज), 468 और 471 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
केदारनाथ धाम प्रशासन ने यात्रियों को चेतावनी जारी की है कि केवल आधिकारिक IRCTC चैनल और मान्यता प्राप्त टूर ऑपरेटरों से ही दर्शन और आवास का बुकिंग करें। अधिकारियों ने कहा कि धाम में सुरक्षा और तीर्थयात्रियों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे ठगी करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
स्थानीय पुलिस और देवस्थानम बोर्ड की संयुक्त जांच में यह मामला सामने आया। अधिकारियों ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्य फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ चल रही है ताकि अन्य सक्रिय फर्जी एजेंटों का नेटवर्क भी उजागर किया जा सके।
तीर्थयात्रियों ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की है और कहा कि अब उन्हें सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन का भरोसा मिलेगा। अधिकारियों ने भी कहा कि आगामी मौसम और उत्सवों में ऐसे अपराधों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।





