Top 5 This Week

Related Posts

कर्नाटक में SIR के दौरान अभी तक एक भी वोटर का नाम नहीं हटा, 91 हजार से ज्यादा फॉर्म-7 आवेदन मिले

बेंगलुरु। कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठ रहे सवालों के बीच मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अंबुकुमार ने बड़ा स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने कहा कि फॉर्म-7 के आधार पर अभी तक मतदाता सूची से एक भी नाम नहीं हटाया गया है। प्रत्येक आवेदन पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच के बाद ही फैसला लिया जाएगा।

कर्नाटक में 16 जून से 4 अक्टूबर के बीच मतदाता सूची में नाम हटाने से संबंधित 91,278 फॉर्म-7 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें किसी नाम को मतदाता सूची में शामिल किए जाने पर आपत्ति का मामला सामने नहीं आया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, इन आवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और अंतिम सुनवाई 12 अक्टूबर तक पूरी करने की योजना है।

नोटिस के बाद ही होगा फैसला

अंबुकुमार ने बताया कि किसी व्यक्ति के नाम को केवल आवेदन मिलने के आधार पर मतदाता सूची से नहीं हटाया जा सकता। यदि किसी नाम को हटाने की जरूरत महसूस होती है तो संबंधित चुनाव पंजीकरण अधिकारी (ERO) पहले संबंधित मतदाता और आपत्ति दर्ज कराने वाले व्यक्ति को नोटिस जारी करेगा। दोनों पक्षों को अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया जाएगा। इसके बाद ही अधिकारी आदेश जारी कर सकता है।

उन्होंने कहा कि गलत जानकारी देकर किसी का नाम हटाने का प्रयास करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। बड़ी संख्या में आए आवेदनों को लेकर अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए गए हैं।

22 लाख से ज्यादा आवेदन मिले

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के अनुसार, 4 अक्टूबर तक SIR प्रक्रिया के तहत कुल 22,05,171 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें करीब 11.98 लाख फॉर्म-8, 9.10 लाख फॉर्म-6 और 4,677 फॉर्म-6ए आवेदन शामिल हैं।

अंबुकुमार ने कहा कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं को अनावश्यक रूप से ERO कार्यालय जाने की जरूरत नहीं है, जब तक अधिकारी उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति आवश्यक न समझे। अंतिम मतदाता सूची 27 अक्टूबर को प्रकाशित की जानी है।

फिलहाल चुनाव आयोग का जोर निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदनों की जांच पूरी करने और मतदाता सूची को सही एवं पारदर्शी तरीके से अंतिम रूप देने पर है।

Popular Articles