वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन से संभावित मुलाकात को लेकर बड़ा संकेत दिया है। ट्रंप ने कहा है कि अगले महीने अपने एशिया दौरे के दौरान वह किम से मिल सकते हैं। हालांकि, अभी तक इस बैठक की तारीख और स्थान की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
ट्रंप बोले- किम के साथ मेरे अच्छे संबंध
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप से पूछा गया कि क्या वह अपने आगामी एशिया दौरे में किम जोंग उन से मुलाकात करेंगे। इस पर उन्होंने कहा, “हो सकता है। यह रोमांचक होगा, है ना? मेरे उनके साथ अच्छे संबंध हैं।”
ट्रंप इससे पहले भी इस साल के अंत तक किम से मुलाकात की इच्छा जता चुके हैं। अगस्त में उन्होंने कहा था कि उन्हें उत्तर कोरियाई नेता से मिलने की उम्मीद है। अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से आई खबरों में भी संभावित बैठक के लिए चीन के शेनझेन शहर का नाम सामने आया था।
नवंबर में फिलीपींस और चीन जाएंगे ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति 16 नवंबर को फिलीपींस की राजधानी मनीला में आसियान शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। इसके बाद वह चीन के शेनझेन जाएंगे, जहां 18 और 19 नवंबर को एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) शिखर सम्मेलन आयोजित होना है।
इस दौरान ट्रंप की चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मुलाकात भी संभावित है। ऐसे में किम जोंग उन के साथ बैठक होने पर एशिया की कूटनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिल सकता है।
पहले तीन बार मिल चुके हैं दोनों नेता
ट्रंप और किम जोंग उन अपने पहले कार्यकाल के दौरान तीन बार मुलाकात कर चुके हैं। जून 2018 में सिंगापुर में हुई पहली शिखर वार्ता में कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु हथियारों से मुक्त करने की दिशा में काम करने पर सहमति बनी थी।
फरवरी 2019 में वियतनाम के हनोई में हुई दूसरी बैठक बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई। इसके बाद जून 2019 में दोनों नेता कोरियाई सीमा पर पनमुनजोम में मिले थे। उस समय ट्रंप उत्तर कोरिया की सीमा में कदम रखने वाले पहले मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति बने थे।
हालांकि, इन बैठकों के बाद परमाणु निरस्त्रीकरण पर ठोस समझौता नहीं हो सका और दोनों देशों के बीच बातचीत ठप पड़ गई।
मिसाइल परीक्षणों के बीच संभावित वार्ता
ट्रंप के बयान ऐसे समय आए हैं, जब उत्तर कोरिया लगातार अपने मिसाइल कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा है। दक्षिण कोरिया की सेना के अनुसार, उत्तर कोरिया ने हाल ही में समुद्र की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।
यदि दोनों नेताओं के बीच मुलाकात होती है, तो परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में रह सकते हैं। फिलहाल, संभावित बैठक को लेकर दोनों पक्षों की ओर से कोई औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है।





