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उत्तराखंड में बिजली कनेक्शन से कटौती तक बदलेंगे नियम, स्मार्ट मीटर और बिजली चोरी पर भी बनेगी नई व्यवस्था

छह साल बाद नई विद्युत आपूर्ति संहिता लाने की तैयारी, जल्द जारी होगा ड्राफ्ट; उपभोक्ताओं से मांगे जाएंगे सुझाव

देहरादून। उत्तराखंड में बिजली उपभोक्ताओं के लिए जल्द ही नए नियम लागू हो सकते हैं। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग छह साल बाद नई विद्युत आपूर्ति संहिता-2026 लाने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत नया बिजली कनेक्शन लेने, मीटर लगाने, बिलिंग, बिजली चोरी, कनेक्शन काटने और दोबारा जोड़ने से जुड़े नियमों में बदलाव किया जाएगा। आयोग जल्द ही संहिता का प्रारूप (ड्राफ्ट) जारी कर विभिन्न हितधारकों से सुझाव मांगेगा।

वर्तमान में प्रदेश में वर्ष 2020 में लागू विद्युत आपूर्ति संहिता के तहत बिजली कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया, समय-सीमा, शुल्क, मीटर की जांच, बिलिंग और उपभोक्ताओं की शिकायतों के निस्तारण से संबंधित प्रावधान लागू हैं। अब बीते छह वर्षों में हुए बदलावों को ध्यान में रखते हुए नई व्यवस्था तैयार की जा रही है।

स्मार्ट मीटर से बिजली चोरी पकड़ने के नियम बनेंगे

नई विद्युत आपूर्ति संहिता में स्मार्ट मीटर से जुड़े उपभोक्ताओं के अधिकारों और बिजली चोरी की पहचान करने की प्रक्रिया को भी शामिल किया जाएगा। स्मार्ट मीटर के आधार पर बिजली चोरी का पता लगाने के मानक निर्धारित किए जाएंगे। इसके अलावा चेक मीटर लगाने और बिजली खपत से संबंधित विवादों के समाधान के लिए भी प्रावधान किए जाने की तैयारी है।

उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के तकनीकी सदस्य प्रभात किशोर डिमरी के अनुसार, नई संहिता में विभिन्न बदलावों को शामिल किया जा रहा है। इसका उद्देश्य बिजली आपूर्ति से जुड़ी प्रक्रियाओं को स्पष्ट करना और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है।

आवासीय सोसाइटी में अलग कनेक्शन का विकल्प

नई संहिता में आवासीय सोसाइटी के बिजली कनेक्शन से संबंधित व्यवस्था को भी शामिल किया जाएगा। आयोग के पूर्व आदेश के अनुसार, किसी सोसाइटी के 50 प्रतिशत निवासी सहमत हों तो वे अलग बिजली कनेक्शन लेने का विकल्प चुन सकते हैं। यदि आवश्यक सहमति नहीं मिलती है, तो सोसाइटी में सामूहिक बिजली आपूर्ति की मौजूदा व्यवस्था जारी रह सकती है।

सुझावों के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया

नई संहिता का ड्राफ्ट जारी होने के बाद बिजली उपभोक्ताओं, संबंधित विभागों और अन्य हितधारकों से सुझाव लिए जाएंगे। इसके बाद आयोग प्राप्त सुझावों पर विचार कर आगे की प्रक्रिया पूरी करेगा।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद बिजली कनेक्शन, मीटरिंग, बिलिंग और शिकायतों के निस्तारण से जुड़े नियमों में स्पष्टता आने की उम्मीद है। हालांकि, अंतिम नियम आयोग की अधिसूचना के बाद ही तय होंगे।

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