उत्तराखंड में पुरुषों के स्वास्थ्य को लेकर एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार राज्य में हर दस में से लगभग छह पुरुष समय से पहले गंभीर बीमारियों और असमय मृत्यु के जोखिम का सामना कर रहे हैं। बदलती जीवनशैली, बढ़ता तनाव और स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही इस स्थिति के प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और मोटापा तेजी से पुरुषों में बढ़ रहे हैं। पहले ये समस्याएं अधिक उम्र में देखने को मिलती थीं, लेकिन अब 30 से 50 वर्ष आयु वर्ग भी गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। अनियमित दिनचर्या, जंक फूड का बढ़ता सेवन, शारीरिक गतिविधि की कमी और लगातार मानसिक दबाव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहे हैं।
विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि पुरुष अक्सर शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं और नियमित स्वास्थ्य जांच नहीं कराते। यही लापरवाही आगे चलकर गंभीर बीमारियों का रूप ले लेती है। तंबाकू और शराब का बढ़ता सेवन भी जोखिम को कई गुना बढ़ा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जागरूकता की कमी भी एक बड़ी समस्या है। महिलाओं की तुलना में पुरुष स्वास्थ्य संबंधी सलाह लेने या डॉक्टर के पास जाने में अधिक देर करते हैं। परिणामस्वरूप, बीमारी का पता तब चलता है जब स्थिति जटिल हो चुकी होती है।
विशेषज्ञों ने लोगों से समय रहते सावधानी बरतने की अपील की है। नियमित हेल्थ चेकअप, संतुलित भोजन, रोजाना व्यायाम, पर्याप्त नींद और तनाव प्रबंधन को स्वस्थ जीवन के लिए आवश्यक बताया गया है। योग और ध्यान जैसी गतिविधियों को भी जीवनशैली में शामिल करने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते जीवनशैली में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में पुरुषों में गैर-संचारी रोगों का खतरा और बढ़ सकता है। ऐसे में व्यक्तिगत जागरूकता और सामूहिक स्वास्थ्य अभियान दोनों की आवश्यकता है, ताकि राज्य में स्वस्थ समाज की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।





