उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी का निधन हो गया। उन्होंने देहरादून के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की खबर के बाद प्रदेशभर में शोक की लहर दौड़ गई।
भुवन चंद्र खंडूरी उत्तराखंड की राजनीति में साफ-सुथरी छवि, अनुशासन और प्रशासनिक सख्ती के लिए जाने जाते थे। वे दो बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे। इसके अलावा केंद्र में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री के रूप में भी उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
सेना से राजनीति में आए खंडूरी को एक ईमानदार और विकासवादी नेता के रूप में देखा जाता था। उनके कार्यकाल में पारदर्शिता और लोकायुक्त कानून को लेकर उठाए गए कदमों की राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हुई थी। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने भी उनके लोकायुक्त कानून की सराहना की थी।
हाल के महीनों में उनकी तबीयत लगातार खराब चल रही थी। जनवरी 2026 में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने देहरादून स्थित उनके आवास पर जाकर उनका हालचाल जाना था।
खंडूरी के निधन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्हें उत्तराखंड की राजनीति में सादगी, अनुशासन और जनसेवा का प्रतीक माना जाता रहा।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी का निधन




