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इथेनॉल मिश्रण और पेट्रोल उत्पादन का डेटा सार्वजनिक करे पीपीएसी: केंद्रीय सूचना आयोग

नई दिल्ली। केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने पेट्रोलियम योजना एवं विश्लेषण प्रकोष्ठ (पीपीएसी) को निर्देश दिया है कि वह पेट्रोल उत्पादन, आयात, इथेनॉल की खरीद तथा पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण से संबंधित ऐतिहासिक आंकड़े सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत उपलब्ध कराए। आयोग ने कहा कि इस तरह की जानकारी सार्वजनिक हित से जुड़ी है और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इसे साझा किया जाना चाहिए।

मामला एक आरटीआई आवेदन से जुड़ा है, जिसमें देश में इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम, पेट्रोल की खपत, उत्पादन, आयात और इथेनॉल की खरीद से संबंधित विस्तृत आंकड़े मांगे गए थे। संबंधित जानकारी उपलब्ध नहीं कराए जाने पर मामला केंद्रीय सूचना आयोग पहुंचा। सुनवाई के बाद आयोग ने पाया कि मांगी गई अधिकांश सूचनाएं सार्वजनिक प्रकृति की हैं और इन्हें उपलब्ध कराने में कोई कानूनी बाधा नहीं है।

आयोग ने अपने आदेश में कहा कि ऊर्जा सुरक्षा, जैव ईंधन नीति और ई-20 कार्यक्रम जैसे विषयों पर सार्वजनिक विमर्श के लिए तथ्यात्मक आंकड़ों की उपलब्धता आवश्यक है। ऐसे मामलों में सरकारी एजेंसियों को अधिकतम पारदर्शिता अपनानी चाहिए, ताकि नागरिक नीतिगत फैसलों और उनके प्रभाव को बेहतर ढंग से समझ सकें।

सीआईसी ने पीपीएसी को निर्देश दिया कि निर्धारित समयसीमा के भीतर उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर मांगी गई सूचनाएं आवेदक को उपलब्ध कराई जाएं। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी विशेष सूचना को देने में कानूनी छूट लागू होती है, तो उसका स्पष्ट कारण लिखित रूप में बताया जाए।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार देशभर में पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण बढ़ाने की नीति पर काम कर रही है। ऐसे में उत्पादन, आयात और मिश्रण से जुड़े आंकड़ों की सार्वजनिक उपलब्धता से नीति के प्रभाव, ईंधन खपत और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न पहलुओं का स्वतंत्र आकलन करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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