Top 5 This Week

Related Posts

आईबी अफसर का ऐसा ‘भौकाल’ कि पुलिस भी चौंकी, तिकोनिया में खुल गया फर्जीवाड़ा!

भारत सरकार की प्लेट, लाल-नीली बत्ती और एयरगन के सहारे चार महीने से घूम रहा था ‘नकली अफसर’

फर्जी आईडी दिखाकर पुलिस को भी रौब में लेने की कोशिश, तलाशी में निकला पूरा ‘खुफिया किट’

हल्द्वानी। चार महीने से सरकारी रुतबे का नकाब ओढ़कर सड़कों पर घूम रहा था। कार पर भारत सरकार का बोर्ड चमकता था, लाल-नीली बत्ती रास्ता खाली कराती थी और जेब में आईबी का फर्जी पहचान पत्र था। हाथ में एयरगन भी थी, ताकि अफसरी का असर और गहरा दिखे। लेकिन तिकोनिया चौराहे पर आधी रात पुलिस की नजर पड़ी तो कुछ ही देर में पूरा ‘भौकाल’ जमीन पर आ गया। खुद को आईबी अधिकारी बताकर पुलिस पर रौब झाड़ने वाला युवक आखिरकार फर्जी दस्तावेजों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया।

एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देश पर शनिवार देर रात संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग चल रही थी। सीओ अमित सैनी के नेतृत्व में पुलिस टीम तिकोनिया चौराहे पर वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान काठगोदाम की ओर से आ रही यूपी नंबर की कार पुलिस ने रोक ली। कार पर ‘भारत सरकार’ का बोर्ड और लाल-नीली बत्ती देखकर पुलिस का शक गहराया।

पहचान पत्र दिखाया, सवालों की बौछार में खुलने लगी पोल

पुलिस के मुताबिक चालक ने अपना नाम मोहम्मद मोहासिब खान, निवासी रामपुर, उत्तर प्रदेश बताया। उसने खुद को आईबी अधिकारी बताते हुए पहचान पत्र भी दिखाया। लेकिन पुलिस ने जब उससे विभाग, तैनाती और दस्तावेजों को लेकर सवाल किए तो उसके जवाब संदेह पैदा करने लगे। पुलिस ने कार की तलाशी ली तो डैशबोर्ड से फर्जी आईबी आईडी कार्ड, खुफिया विभाग के फर्जी कागजात और एयरगन बरामद हुई।

यानी जिस पहचान के दम पर युवक सड़कों पर अफसरी का रुतबा दिखा रहा था, वही पहचान पुलिस की जांच में फर्जी निकली।

दोस्तों से कहा था—‘आईबी की ट्रेनिंग के लिए हल्द्वानी जा रहा हूं’

पूछताछ में पुलिस के अनुसार आरोपी ने स्वीकार किया कि वह लोगों पर रौब जमाने के लिए आईबी अधिकारी होने का दिखावा करता था। उसने दोस्तों को भी बताया था कि वह आईबी की ट्रेनिंग के लिए हल्द्वानी जा रहा है। इसके बाद फर्जी दस्तावेजों के सहारे नैनीताल घूमने की योजना बनाई थी।

पुलिस के अनुसार आरोपी पिछले करीब चार महीने से रामपुर और आसपास के जिलों में फर्जी अफसर बनकर घूम रहा था। अब जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि उसने इस फर्जी पहचान का इस्तेमाल कहां-कहां और किस मकसद से किया।

‘अफसर’ का रुतबा दिखाने निकला था, सीधे पहुंच गया जेल

सरकारी पहचान और सुरक्षा एजेंसी के नाम का इस्तेमाल कर लोगों पर प्रभाव जमाने का यह खेल आखिरकार पुलिस की चेकिंग में खत्म हो गया। पुलिस ने बरामद सामान कब्जे में लेकर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

सवाल यह भी है कि चार महीने तक सरकारी बोर्ड, बत्ती और खुफिया विभाग की फर्जी पहचान लेकर घूमता रहा यह युवक आखिर कितने लोगों पर अपना ‘अफसरी रुतबा’ आजमा चुका था? पुलिस अब इसी कड़ी को खंगाल रही है।

Popular Articles