Saturday, February 14, 2026

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अश्रुपूर्ण विदाई: वीर बलिदानी गजेंद्र का पार्थिव शरीर आज पहुँचेगा उनके पैतृक गांव; ‘भारत माता के जयकारों’ से गूंजा आसमान, अंतिम दर्शन को उमड़ा जनसैलाब

देहरादून/हल्द्वानी: देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए उत्तराखंड के लाल गजेंद्र सिंह का पार्थिव शरीर आज सैन्य सम्मान के साथ उनके पैतृक निवास लाया जाएगा। बलिदानी गजेंद्र की शहादत की खबर मिलने के बाद से ही पूरे प्रदेश में शोक की लहर है और उनके गांव में मातम पसरा हुआ है। आज सुबह से ही हजारों की संख्या में ग्रामीण, स्थानीय जनप्रतिनिधि और आस-पास के क्षेत्रों के लोग अपने प्रिय वीर सपूत के अंतिम दर्शनों के लिए एकत्रित हो गए हैं। प्रशासन द्वारा पार्थिव शरीर के आगमन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, और बलिदानी को पूरे राजकीय एवं सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी।

शहादत की खबर से गमगीन हुआ देवभूमि

बलिदानी गजेंद्र सिंह की वीरता और उनके सर्वोच्च बलिदान ने हर आंख को नम कर दिया है:

  • कर्तव्य पथ पर बलिदान: गजेंद्र सिंह सेना की उस टुकड़ी का हिस्सा थे जो दुर्गम और चुनौतीपूर्ण सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात थी। ऑपरेशन के दौरान अदम्य साहस का परिचय देते हुए उन्होंने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
  • परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल: बलिदानी के घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है। हालांकि परिवार गहरे सदमे में है, लेकिन उन्हें अपने बेटे की शहादत पर गर्व भी है, जिसने देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।
  • गांव में नहीं जले चूल्हे: वीर सपूत के सम्मान में पूरे गांव ने आज शोक स्वरूप अपने प्रतिष्ठान बंद रखे हैं और लोग नम आंखों से अपने लाल की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

सैन्य सम्मान के साथ अंतिम यात्रा की तैयारी

पार्थिव शरीर के आगमन से लेकर अंतिम संस्कार तक की प्रक्रिया बेहद सम्मानजनक तरीके से आयोजित की जा रही है:

  1. हवाई मार्ग से आगमन: पार्थिव शरीर को विशेष सैन्य विमान या हेलीकॉप्टर के जरिए निकटतम हवाई अड्डे या सैन्य बेस पर लाया गया है, जहाँ से इसे सड़क मार्ग द्वारा उनके पैतृक गांव ले जाया जा रहा है।
  2. जगह-जगह पुष्प वर्षा: अंतिम यात्रा के मार्ग में स्थानीय युवाओं और नागरिकों ने तिरंगे झंडे लेकर खड़े रहने और पुष्प वर्षा करने की योजना बनाई है, ताकि वीर सेनानी को गरिमापूर्ण विदाई दी जा सके।
  3. गार्ड ऑफ ऑनर: अंतिम संस्कार के समय सेना की टुकड़ी द्वारा हवाई फायर कर ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया जाएगा और राजकीय सम्मान के साथ उनकी अंत्येष्टि की जाएगी।

मुख्यमंत्री और दिग्गज नेताओं ने जताया शोक

बलिदानी गजेंद्र की शहादत पर राज्य के नेतृत्व ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं:

  • मुख्यमंत्री का संदेश: मुख्यमंत्री ने कहा कि “गजेंद्र सिंह का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा, उत्तराखंड की भूमि वीरों की जननी है और सरकार बलिदानी के परिवार के साथ हर कदम पर खड़ी है।”
  • आर्थिक सहायता और सम्मान: राज्य सरकार ने बलिदानी के परिवार के लिए आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने के साथ-साथ गांव की किसी प्रमुख सड़क या संस्थान का नाम बलिदानी के नाम पर रखने की घोषणा की है।

निष्कर्ष: अमर रहेगी गजेंद्र की वीरता

बलिदानी गजेंद्र सिंह की विदाई केवल एक परिवार की क्षति नहीं है, बल्कि यह पूरे राष्ट्र के लिए एक गौरवपूर्ण और दुखद क्षण है। उनकी अंतिम यात्रा में उमड़ी यह भीड़ इस बात का प्रमाण है कि देवभूमि के निवासी अपने वीरों का सम्मान करना बखूबी जानते हैं। गजेंद्र सिंह हमेशा उत्तराखंड के युवाओं के लिए प्रेरणा के स्रोत बने रहेंगे।

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