नई दिल्ली। भारतीय सेना ने अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की कथित घुसपैठ संबंधी मीडिया रिपोर्टों को खारिज करते हुए उन्हें गलत और निराधार बताया है। सेना ने स्पष्ट किया कि सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सतर्क है और हालात नियंत्रण में हैं।
सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया कि एलएसी पर नियमित निगरानी और गश्त जारी है तथा किसी भी गतिविधि पर लगातार नजर रखी जा रही है। भारतीय सेना ने कहा कि सीमा से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए स्थापित सैन्य और राजनयिक तंत्र प्रभावी ढंग से काम कर रहे हैं और स्थानीय स्तर पर दोनों देशों के बीच संवाद भी जारी रहता है।
दरअसल, हाल के दिनों में अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले के कुछ स्थानीय संगठनों ने दावा किया था कि चीनी सेना ने सीमा के निकट पारंपरिक चरागाह, शिकार और कृषि क्षेत्रों में अतिक्रमण किया है। इन दावों के बाद विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में चीनी घुसपैठ की आशंका जताई गई थी। हालांकि भारतीय सेना ने इन दावों का खंडन करते हुए कहा कि ऐसी रिपोर्टों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है।
सेना ने यह भी दोहराया कि भारत-चीन सीमा पर स्थिति स्थिर, लेकिन संवेदनशील बनी हुई है। इसलिए सीमावर्ती क्षेत्रों में उच्च स्तर की सतर्कता बरती जा रही है और किसी भी चुनौती से निपटने के लिए सुरक्षा बल पूरी तरह तैयार हैं। अधिकारियों के अनुसार, दोनों देशों के बीच सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए नियमित फ्लैग मीटिंग और अन्य सैन्य संवाद तंत्र का उपयोग किया जाता है।
भारतीय सेना ने लोगों से अपील की है कि वे सीमा सुरक्षा से जुड़ी अपुष्ट या भ्रामक खबरों पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। सेना का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में तथ्यहीन सूचनाएं भ्रम की स्थिति पैदा कर सकती हैं।





